प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कठुआ संजय धर ने हत्या आरोपी प्रीतम सिंह निवासी डली मच्छेड़ी बिलावर को उम्रकैद की सजा सुनाई।
पुलिस केस अनुसार 15 अक्तूबर 2011 को निचनो देवी ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बोधराज और ठाकुर दास की बेटी जम्मू में मेडिकल ट्रेनिंग के लिए गए थे। बोधराज ने जम्मू में लड़की को अगवा कर लिया। इस मामले में ठाकुर दास के डली स्थित घर में पंचायत भी हुई।
शिकायतकर्ता उसका पति हंसराज और बोधराज के पिता बेली राम पंचायत में मौजूद थे। दूसरी साइड से ठाकुर दास, प्रीतम सिंह, मंशा राम, नायब सरपंच कस्तूरी लाल मौजूद थे। ठाकुर दास भी पंचायत के सदस्य थे। रात पौने नौ बजे पंचायत समाप्त हुई।
सभी लोग घरों को जाने के लिए निकले। इस बीच प्रीतम सिंह ने रास्ते में हंसराज पर तेजधारदार हथियारों से हमला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच अधिकारी ने मौके से मिट्टी के नमूने लिए। गवाहों के बयान भी दर्ज किए।
हंसराज को जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसने 16 अक्तूबर 2011 को दम तोड़ दिया। आरोपी को दूसरे दिन ही हिरासत में ले लिया। वारदात में उपयोग हुई दराती को भी बरामद कर लिया गया। निचनो देवी, बेली राम, बिमला देवी के बयान दर्ज किए। बयानों में पाया बोधराज व लड़की दोनों पैरा मेडिकल ट्रेनिंग के लिए जम्मू गए थे, जबकि लड़की पहले से ही प्रीतम सिंह के भाई मोहिंदर सिंह के संपर्क में थी।
पंचायत में भी सभी की मौजूदगी में फैसला हुआ कि बोधराज व लड़की की शादी कर देनी चाहिए। प्रीतम सिंह जो ठाकुर दास का करीबी रिश्तेदार था, वह चर्चा सुन रहा था। उसे कबूल नहीं हुआ कि लड़की की शादी कहीं और की जा रही है। पंचायत का फैसला उसे मंजूर नहीं हुआ और जब सभी लोग घर जा रहे थे तो उसने हंसराज पर दराती से हमला कर दिया।
हंसराज की मौत के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। दोेनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रधान न्यायालय ने पाया आरोपी कोई प्रोफेशनल हत्यारा नहीं है, जोे समाज के लिए खतरा हो। इसलिए आरोपी को हत्या के आरोप में उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।