जीएमसी में शुक्रवार की दोपहर एक बुजुर्ग मरीज की मौत पर घर वालों ने बवाल किया। उन्होंने न्यू इमरजेंसी ब्लाक के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे परिवार वालों ने इमरजेंसी में अव्यवस्था के साथ डाक्टरों पर कोताही के आरोप लगाए। इस दौरान पुलिस बल को भी बुला लिया गया था।
कशिश नायर ने बताया कि उनके दादा ओम प्रकाश निवासी विकास नगर, तालाब तिल्लो को एक हफ्ता पहले तबीयत बिगड़ने पर जीएमसी में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य में सुधार भी हो गया था।
उन्हें डायलेसिस यूनिट में रखा गया था। लेकिन अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें न्यू इमरजेंसी ब्लाक में भेजा गया। शुक्रवार सुबह तक वह ठीक थे। लेकिन ज्यादा स्वास्थ्य खराब होने पर गैस्ट्रोलाजी के सीनियर डाक्टर को काल दी गई। मगर कई घंटे बीत जाने के बाद भी वे नहीं पहुंचे।
इस दौरान परिवार वालों ने भी डाक्टर से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में एक डाक्टर ने मरीज को देखा और फूड ट्यूब डालने को कहा। घर वालों ने बताया कि ट्यूब डालने और डाक्टरों द्वारा उचित इलाज में लेटलतीफी के चलते मरीज ने दम तोड़ दिया।
परिवार के अन्य सदस्य सौरभ ने बताया कि न्यू इमरजेंसी ब्लाक में अव्यवस्था का आलम है। गंभीर मरीजों के मामलों को सामान्य में लिया जाता है। उनके मरीज के बारे में इमरजेंसी ब्लाक प्रशासन को भी जानकारी दी गई, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस दौरान अस्पताल और पुलिस अधिकारियों ने घर वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने न्यू इमरजेंसी ब्लाक के भीतर और बाहर दोनों जगह पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अन्य तीमारदारों ने भी न्यू इमरजेंसी ब्लाक की अव्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की।