धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने बैंक आफ बड़ौदा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर और अन्य लोगों के खिलाफ दो चालान पेश किए हैं। 2013 में बैंक के मैनेजर टीआर डोगरा, बैंक के तत्कालीन ऋण अफसर जसवंत सिंह, प्रापर्टी वैल्यूअर हेमराज फोंसा, मंजूर हुसैन और सईद मोहम्मद के खिलाफ धोखाधड़ी से लोन लेने का मामला दर्ज हुआ था।
सीबीआई केस के अनुसार मंजूर हुसैन ने बैंक की गांधीनगर शाखा से मधुमक्खी पालन के लिए अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर लोन लिया था। मंजूर ने लोन की बड़ी राशि पाने के लिए उसने जमीन के फर्जी कागजात पेश किए। जांच में पाया गया कि बैंक अफसरों की मिलीभगत के बिना इस तरह फर्जी जमीन के कागजात से धोखाधड़ी संभव नहीं है।
सीबीआई ने उसके घर से स्टैंप भी बरामद किए, जो फर्जी कागजात तैयार करने के लिए उपयोग किए गए थे। लोन के लिए बनाए गए फर्जी कागजात मंजूर के अलावा बैंक अथारिटी के पास से भी बरामद किए गए। इसके अलावा सीबीआई ने बैंक के अधिकारियों (इनमें कुछ सेवानिवृत्ति) के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने आरपीसी की धारा 120-बी, 420, 468, 471 के तहत अदालत में चालान पेश किया।
जेएनएफ