बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार अवतार सिंह उर्फ दीपक की जमानत अर्जी को तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और फास्ट ट्रैक के पीठासीन अधिकारी वाईपी कोतवाल ने खारिज कर दिया। पुलिस केस के अनुसार 6-7 नवंबर 2014 की दरमियानी रात को पीड़िता बाथरूम में गई।
जहां पहले से उसका पड़ोसी दीपक छिपकर बैठा हुआ था। उसने पीड़िता के नाक पर रुमाल दबाया, जिसमें कोई नशीला पदार्थ लगा हुआ था। इससे वह बेहोश हो गई। तड़के तीन बजे जब उसे होश आया तो उसने खुद को दीपक के कमरे में पाया।
पुलिस ने उसकी शिकायत पर आरपीसी की धारा 342, 376 के तहत केस दर्ज किया। तमाम दलीलें सुनने के बाद जज ने पाया कि यह केस समाज के लिए घातक है, इसलिए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
जेएनएफ