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जेल जाएंगे सब इंस्पेक्टर के हत्यारे एसपी और पीएसओ?

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पुंछ के तत्कालीन एसपी (आपरेशन) सेवक सिंह और उनके पीएसओ सतपाल सिंह के खिलाफ द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू एमके शर्मा ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। दोनों को प्रोबेशनरी सब इंस्पेक्टर (पीएसआई) अजय गुप्ता की हत्या का दोषी करार देते हुए अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी और सजा की पुष्टि हाईकोर्ट ने भी की थी।
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अपील के दौरान दोनों आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट द्वारा उन्हें सजा दिए जाने के बाद से दोनों अदालत में पेश नहीं हुए। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जांच के दौरान पाया कि दोषी सेवक सिंह और सतपाल सिंह ने अदालत में सरेंडर नहीं किया।

उन्होंने दोनों के खिलाफ वारंट जारी करते हुए एसएसपी जम्मू को वारंट तामील करने की व्यवस्था करने को कहा। पुलिस केस के अनुसार 13 अक्तूबर, 1998 को सेवक सिंह के घर पर एक पार्टी थी, जिसमें अब्दुल खालिक, स्थानीय ठेकेदार और पीएसआई अजय गुप्ता भी शामिल हुए।
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पार्टी में कुछ समय रहने के बाद खालिक लौट गया। वह और शराब लेकर फिर पार्टी में पहुंचा और पीएसआई अजय के साथ जमकर शराब पी। उसके बाद खालिक ने सेवक सिंह को उसके घर में छोड़ देने को कहा। आरोपी सेवक सिंह ने अजय गुप्ता, ड्राइवर मोहम्मद अकरम, कांस्टेबल अब्दुल रज्जाक और कांस्टेबल सतपाल को उन्हें छोड़ देने को कहा।
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16 साल पुराने मामले में कोर्ट ने जारी किए आदेश

खालिक को छोड़ कर जब वे लौट रहे थे तो पुलिस जिप्सी में विस्फोट की आवाज हुई। ड्राइवर और एसपीओ अकरम ने देखा कि सतपाल की एसएलआर पीएसआई अजय की ओर फायरिंग पोजिशन में थी। अकरम ने जब सतपाल को कहा कि गोली उसने चलाई है तो उसने इंकार किया। इस दौरान दोनों में बहस हुई कि बंद जिप्सी में बाहर से कोई फायर नहीं कर सकता।

इसके बाद अकरम ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि सतपाल ने अजय को मार दिया। इसके बाद कांस्टेबल सतपाल जिप्सी से बाहर निकला। वह कुछ फायर करता हुआ मौके से फरार हो गया। हालांकि पास के सीआरपीएफ बटालियन के जवानों और अब्दुल रज्जाक ने उसकी एसएलआर कब्जे में ले ली।

रज्जाक भागता हुआ एसपी आपरेशन के पास पहुंचा और सतपाल की एसएलआर देते हुए कहा कि उसने अजय को मार दिया। इस पर एसपी ने उसे मुंह बंद रखने को कहा। जांच में पता चला कि सतपाल की एसएलआर से गोली चली थी। जेएनएफ
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