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साथियों की मौत पर बिलबिलाया एरिया कमांडर

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पाक सीमा से पहले घुसपैठ में विफल रहने और फिर चार साथी आतंकियों की मौत होने पर लश्कर का एरिया कमांडर शकील भड़क उठा। उसने बाकी बचे साथियों के साथ बैठक कर फिर से घुसपैठ का प्रयास करने की रणनीति बनाई है।
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एक सप्ताह पहले मेंढर तहसील के बलनोई सेक्टर में रोशनी नाला से घुसपैठ के दौरान चार आतंकी मारे गए थे। उनके शव आज भी उसी क्षेत्र में पड़े होने की आशंका है।

देर रात से दोपहर तक चली मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना के हाथ एक भी आतंकी का शव नहीं लगा था।

घुसपैठ के दौरान मौजूद थे 14 आतंकी

जिससे इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शायद मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के शव उनके साथी अपने साथ पीओके ले गए होंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि उस मुठभेड़ में चार घुसपैठिए मारे गए थे और उनके शव उनके साथी भी अपने साथ नहीं ले जा सके।

इसका खुलासा इस बात से हुआ है कि घुसपैठ का प्रयास नाकाम हो जाने और चार आतंकियों के वापस लांचिंग पैड पर न पहुंचने पर क्षेत्र में घुसपैठ की जिम्मेदारी निभाने वाले लश्कर के एरिया कमांडर शकील भाई ने आतंकियों के साथ बैठक की।

मिली जानकारी के अनुसार घुसपैठ के दौरान 14 आतंकी मौजूद थे। इनमें से दस आतंकी वापस लांचिंग पैड की ओर भागने में कामयाब हो गए थे। उन्होंने अपने चार साथियों के मारे जाने की बात कमांडर से कही।
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दोबारा हमले की बनाई रणनीति

सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ के पांच दिन बीत जाने के बाद भी जब घुसपैठ में शामिल सभी आतंकी लांचिंग पैड पर दोबारा न पहुंचे, तो एरिया कमांडर शकील ने वापस लौटे आतंकियों के साथ बैठक की। घुसपैठ के प्रयास की नाकामी और चार साथियों के वापस न लौटने पर घंटों विचार-विमर्श कर शकील ने आतंकियों की जमकर खिंचाई की।

सूत्रों का कहना है कि 2-3 जुलाई की मध्य रात्रि को मेंढर तहसील के रोशनी नाला क्षेत्र से 14 आतंकियों के एक दल में करीब पांच सदस्यों की बैट टीम शामिल थी। आतंकियों ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ का प्रयास किया था, लेकिन सेना के जवानों को इसकी भनक लगने पर उन्होंने घुसपैठियों पर गोलियां चलाईं थीं।

भारतीय सेना द्वारा उस पार से पाक सेना और आतंकियों द्वारा लगातार की जाने वाली गोलाबारी के चलते सीमित क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया था, जिसके चलते मारे गए आतंकियों के शव सेना के हाथ नहीं लगे थे।
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