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अपहरणकर्ताओं के चक्कर में पांच दिन से घनचक्कर बनी है पुलिस

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जम्मू। बहुचर्चित अनिरुद्ध शर्मा अपहरण कांड को सुलझाने के चक्कर में पुलिस पांच दिन से घनचक्कर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है। इनमें से कुछ को पकड़ लिया है। फिरौती के लिए गए पैसे बरामद कर लिए गए हैं। इस कांड में परिवार का हाथ होने का भी शक है। फिरौती के पैसे दिए ही नहीं गए थे। ऐसी कई जानकारियां हैं, जो अब तक इस केस को लेकर सामने आ चुकी हैं, लेकिन मामले पर सस्पेंस बना हुआ है।
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एक जानकारी और सामने आ रही है कि पुलिस ने अंग्रेज सिंह के भांजे धीरज सिंह को कटड़ा के पंथल से पकड़ा है। जो दो लोग पैसे लेने के लिए आए थे, उनमें एक धीरज भी है। धीरज सिंह ने फिरौती के पैसे झाड़ियों में फेंक दिए थे, जिसे बाद में अंग्रेज सिंह ने उठा लिया। अब तक इस कांड में मुख्य मास्टर माइंड संजय का नाम सामने आ चुका है। बलवीर सिंह, जीवन राम और अंग्रेज सिंह के नाम भी इस कांड में सामने आ चुके हैं, लेकिन सवाल यह है कि इस कांड की असली कहानी है क्या? फिलहाल इस पर पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही। आईजी से लेकर अन्य अधिकारी तक उलझे हुए हैं। जब आरोपियों के बारे पुलिस के पास पूरी जानकारी है तो यह अब तक पुलिस के हत्थे क्यों नहीं चढ़े। अपहरणकर्ताओं के मोबाइल की सीडीआर देखने के बाद अब तक पुलिस ने दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। इनको जम्मू और सांबा में अलग-अलग थानों में रखा है। जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। अब तक पुलिस ने बलवीर सिंह को पकड़ा है, इसमें दूसरा नाम धीरज सिंह का जुड़ा है।
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पुलिस के नेटवर्क की उड़ाई धज्जियां
यूं कहा जाए कि इस अपहरण कांड पर सांबा पुलिस फेल हो गई है। या तो अपहरणकर्ता पुलिस से ज्यादा होशियार हैं, या फिर पुलिस का नेटवर्क इतना सुस्त है कि चार आरोपियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद उनको नहीं पकड़ पा रही। हर रोज आरोपी पुलिस को गच्चा दे रहे हैं। आरोपियों की लोकेशन हर रोज किसी दूसरे स्थान पर मिलती है। अब तक पंजाब, अखनूर, रामबन, भद्रवाह, पठानकोट, अमृतसर आदि जगहों पर आरोपियों की लोकेशन सामने आ चुकी है। पुलिस विभाग के करीब 300 कर्मचारी, इनमें डीएसपी से लेकर एसएचओ और चौकी अफसर भी शामिल हैं। यह अपहरणकर्ताओं को ढूंढने में लगे हैं, लेकिन अपहरणकर्ताओं का सुराग नहीं मिल रहा।
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इतने करीब हैं, तो इतनी दूरी क्यों
पुलिस का दावा है कि वह आरोपियों को पकड़ने के बहुत करीब है। यह दावा तीन दिन से किया जा रहा है। इतना करीब होने के बावजूद पुलिस की दूरी अपहरणकर्ताओं से बढ़ती जा रही है। आरोपी पुलिस को गच्चा दे रहे हैं। इनमें कुछ दूसरे राज्य के अपराधी भी शामिल हैं।
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