जम्मू। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी जम्मू के शवगृह के बाहर शेड में ओडिशा निवासी घायल श्रमिक विपिन सेनापति (40) को रात भर लावारिस रखे जाने के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
जीएमसी प्रशासक स्मिता सेठी ने बताया कि प्राइमरी स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर इसमें कुछ निकलता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेश में घटना के संबंध में कई सवाल पूछे गए हैं। इसमें घायल श्रमिक शेड के नीचे कैसे पहुंचा, उसे किसने पहुंचाया, किसके कहने पर यह हुआ, जीएमसी अधीक्षक को इन सभी बिंदुओं पर जांच कर बुधवार को एसोसिएटेड की प्रशासक को रिपोर्ट देनी होगी।
सेठी ने कहा कि सच सामने आने पर कई लोगों पर गाज गिर सकती है। इसमें सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जीएमसी की इमरजेंसी (रूम नंबर 7) से भीतर के रास्ते शवगृह तक पहुंचने के दौरान कई सीसीटीवी लगे हुए हैं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि जिस किसी ने भी घायल को शवगृह के बाहर पहुंचाया है उसने यह रात में अंजाम दिया है, ताकि घटना का किसी को पता नहीं चल पाया। घटना में रातभर श्रमिक अचेत अव्यवस्था में शेड के नीचे ही पड़ा रहा था। सोमवार सुबह कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिलने पर इसका खुलासा हुआ था।
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घटना पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू
जीएमसी के अधीक्षक डा. दारा सिंह का कहना है कि उनकी प्राथमिक जांच में स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता कहने वाले सोमनाथ डबगोत्रा ने साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया है। उसने ही श्रमिक विपिन को शवगृह वाले क्षेत्र में ले जाकर मीडिया को सूचित किया, जबकि ऐसा था तो उसे अस्पताल के कंट्रोल रूम को सूचित करना चाहिए था। डबगोत्रा का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए। सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच सामने आ सके। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। खुद श्रमिक किसी सफाई कर्मी द्वारा उसे वहां लाने की बात कह रहा है।
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आननफानन में श्रमिक का इलाज शुरू
जीएमसी के वार्ड छह के बेड नंबर चार पर घायल विपिन सेनापति का आननफानन में इलाज शुरू किया गया है। डाक्टरों के अनुसार उसे स्पाइनल की गंभीर चोट है। पीठ वाले हिस्से कई जगह गहरे जख्म होने के साथ बेड सोल बन गए हैं, जिसे सही होने में समय लगेगा। वार्ड में तीमारदारी के लिए पहुंचे विपिन के भाई जिला धर्मपुुर ओडिशा निवासी बिगनेस ने बताया कि वह पिछले तीन माह से जम्मू में रह रहे हैं। श्रमिक का काम कर रहे हैं। उसे फोन पर विपिन के घायल होने की सूचना मिली। विपिन ने बताया कि गत 16 अगस्त को नई बस्ती में रात्रि को छत से गिरने के कारण वह घायल हुआ था। संपर्क के कुछ लोगों की मदद से कुछ दिन पहले जीएमसी पहुंचा था।
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सवाल
1. अगर विपिन कुछ दिनों से जीएमसी में भर्ती था तो उसका एडमिट कार्ड होना चाहिए था, जबकि 28 अगस्त, 2018 को एमआरडी नंबर 904816 पर उसकी नई फाइल बनाई गई है।
2. एक बेसुध और लाचार घायल कैसे शवगृह के बाहर शेड के नीचे पहुंचा, वहां तक स्ट्रेचर को पहुंचाने में एक या दो लोगों की जरूरत पड़ी होगी।
3. रातभर शेड के नीचे पड़े रहने पर अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी को क्यों सूचना नहीं मिल सकी।