सांबा में हुए हादसे में चार की हुई मौत
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लंबे सफर के बाद एक ठहराव ने कुछ लोगों को दर्दनाक हादसे का शिकार बना दिया। चार लोगों की मौत हो गई।
देश के विभिन्न क्षेत्रों से जम्मू आ रहे मुसाफिरों के लिए जलपान मुहैया कराकर रोजी-रोटी कमा रहे रेहड़ी और छाबे वालों की भी बेकाबू ट्राले ने खुशियों को रौंद दिया। दिहाड़ी लगाकर रोज अपने परिवार के पोषण के लिए कमाई करने वाले इन लोगों की खुशियां लौटने में कुछ दिन लगेंगे।
शनिवार रात नौ बजे के करीब मौत का तांडव हुआ और ट्राले की चपेट में चार लोगों की मौत हो गई। घायलों को जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल में रेफर किया गया। इन घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। नई दिल्ली निवासी मृतक और दो घायलों को भी दिल्ली रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है घायल जम्मू कश्मीर कैडर के आईपीएस एक पुलिस अधिकारी के रिश्तेदार हैं। जीएमसी में उपचाराधीन घायल हेम राज ने बताया वह चौक में अपना सामान बेच रहे थे। उन्हें नहीं पता कि कब ट्राला आया। हाईवे बनने के बाद लोहे के भी बड़े अवरोधक लगे हैं। उसके बाद भी ट्राला नहीं रुका। हादसे का उसे पता नहीं, लेकिन अस्पताल में जब उसे होश आया तो उसका दिल भी हिल गया। रमेश खजूरिया भी अपनी जिंदगी के इस हादसे को कभी भूल नहीं पाएंगे।
हादसे में उसकी टांग और बांहों में काफी चोटें आई हैं। घायलों के अनुसार ट्राला दूर से ही बेकाबू लग रहा था। उसने सबसे पहले खरबूजे से लदे एक ट्रक को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर के कारण ट्राले की गति थोड़ी कम हुई।
उसके बाद वह बंद पड़ी शराब की दुकान से टकराया। स्पीड और कम हुई और दो अन्य दुकानों से टक्कर लगने के कारण ट्राला रुक पाया। हादसे का दूर से मंजर देख रहे लोग भी सहम गाए। दुकानें बंद और खाली थी। नहीं तो उनके अंदर मौजूद लोग भी इसका शिकार हो जाते और कई जिंदगी का नुकसान हो जाता।