धोखाधड़ी के आरोप में मदनलाल को सब जज रेणु डोगरा ने धारा 420 के तहत तीन वर्ष की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यदि आरोपी ने जुर्माना नहीं चुकाया तो उसकी सजा दो माह के लिए और बढ़ा दी जाएगी।गौरतलब है कि जगतराम ने वर्ष 2012 में मदनलाल के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
केस के मुताबिक आरोपी ने जगतराम से धोखे से कुछ कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। आरोपी ने ऐसा लेबर कार्ड बनाने का आश्वासन देकर किया। बाद में उसे बैंक से 1, 68,864 रुपये लोन लेने के संबंध में एक नोटिस मिला।बैंक ने उससे पैसे जमा करवाने के लिए कहा था। इसके बाद जगतराम, मदनलाल के पास पहुंचा और पूरी बात बताई।
मदनलाल ने जगतराम को धमकाते हुए कहा कि वह जो चाहे कर ले। तब जाकर जगतराम ने पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने धारा 420/506 के तहत मामला दर्ज कर जांच करने के बाद चालान पेश किया। इसके बाद सब जज ने आरोपी को तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।