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अंदर के ल एि बनिहाल का शेष भाग

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मुझसे कहा गया, सीधे सीआरपीएफ काफिले को उड़ा देना
-कार धमाके को अंजाम देने वाले आतंकी का कबूलनामा
-कार के अंदर बटन भी दबाया पर घटना को पूरी तरह अंजाम नहीं दे पाया
अमर उजाला ब्यूरो

रामबन/जम्मू। बनिहाल के पास जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर सीआरपीएफ काफिले के पास कार धमाका करने वाले आतंकी ओवेस का कहना है कि उसकी मोबाइल फोन पर अपने आकाओं से बात होती थी। वह शोपियां में ही एक अन्य आतंकी के संपर्क में आया। उसे कहा गया कि उसके परिवार को पैसे दिए जाएंगे। उसे सीआरपीएफ की कानवाय को उड़ाना है। फोन करने वालों ने अपने बारे में कुछ नहीं बताया था। उसे कहा गया था कि वह बनिहाल पहुंच जाए। यहां पर एक कार आएगी। उस कार को चलाकर जाना है। जाकर सीधे काफिले को उड़ा देना है। कार के अंदर एक बटन भी था। कार देने वाले ने उसे बटन के बारे में बता दिया था। जैसे ही उसने सीआरपीएफ की कार को टक्कर मारी तो बटन भी दबा दिया। लेकिन उस तरह से धमाका नहीं हुआ। एक छोटा सा धमाका हुआ और वह उसमें घायल हो गया। इसके बाद वह कार से कूदकर भाग गया।
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कार का नंबर टैंपर किया गया था
आतंकी को दी जाने वाली कार का नंबर टैंपर किया गया था। ताकि इसको ट्रेस न किया जा सके।

पत्र में कर चुका था खुलासा
आतंकी ओवेस ने एक पत्र भी लिखा था। जिसमें उसने लिखा था कि हिजबुल मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर का एक मुजाहिद हूं। नाम ओवैस अमीन है। सोशल मीडिया के माध्यम से चंद बातें शेयर करना चाहता हूं। उम्मीद है कि आप मेरी इन बातों को ध्यान में रखेंगे। दुआ करें कि जिस वक्त यह पैगाम आप तक पहुंचेगा वह उस वक्त तक जन्नत की मजे लूट रहा होगा। पत्र में उसने कश्मीरियों के साथ की जा रही ज्यादतियों का भी हवाला दिया है।
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