श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में स्थानीय लोगों ने सेना पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बुधवार को काफी संख्या में जिले के मश्वार्ड गांव के लोगों ने पुलिस के पास पहुंचकर एफआईआर की मांग की। सेना के प्रवक्ता ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि जवान ऐसी हरकतों को अंजाम नहीं दे सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलवार देर रात सेना के जवान घरों में दाखिल हुए और लोगों के साथ मारपीट की। इसमें दर्जन भर लोग घायल हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह भी आरोप लगाया कि सेना ने घरों में तोड़फोड़ भी की। उनका कहना था कि गांव के लोगों ने कभी भी सुरक्षा बलों पर न तो पथराव किया और ही किसी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों में शामिल रहे। सीएमओ शोपियां के अनुसार नौ घायलों को पुलवामा के राजपोरा अस्पताल लाया गया था जिनमें से कई को श्रीनगर इलाज के लिए रेफ र किया गया है। एसएसपी संदीप चौधरी ने बताया कि लोगों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उधर, हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने ट्वीट कर सेना के जवानों द्वारा स्थानीय लोगों के साथ मारपीट और घर में तोड़फोड़ की निंदा की है।
धमकी भरे पोस्टरों से हिज्ब ने झाड़ा पल्ला
श्रीनगर। डाउनटाउन में लगाए गए धमकी भरे पोस्टरों से हिजबुल मुजाहिदीन ने पल्ला झाड़ लिया है। मंगलवार को लगाए गए पोस्टर में आईएस का झंडा लहराने वाले तीन महिलाओं समेत आठ लोगों के नाम थे।
हिज्ब के ऑपरेशनल कमांडर मोहम्मद बिन कासिम ने एक स्थानीय न्यूज एजेंसी को भेजे गए बयान में कहा है कि संगठन ने न तो कोई पोस्टर जारी किए हैं और न कोई हिटलिस्ट बनाई है। संगठन ने इसे भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई बताते हुए कहा कि कई बार ऐसी रणनीतियों का उपयोग कर हमारे समाज को विभाजित करने की कोशिश की गई है।