जम्मू। ट्रैफिक पुलिस कर्मी के रिश्वत लेेने के एक मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई कि एक और कर्मचारी रिश्वत लेता कैमरे में कैद हो गया। नगरोटा में एक सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल का रिश्वत लेता वीडियो ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के पास भेज दिया गया। विभाग ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को तत्काल सस्पेंड कर दिया और मौके पर मौजूद डीटीआई के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
जानकारी के अनुसार नगरोटा के टीसीपी के पास ट्रैफिक पुलिस का नाका है। यहां डीटीआई जलालदीन इंचार्ज के तौर पर और कांस्टेबल बशीर अहमद रविवार को ड्यूटी पर थे। कांस्टेबल ने एक चालक से रिश्वत मांगी और उसने इसका चुपके से वीडियो बना लिया। बाद में ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया। इस पर कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। डीटीआई के खिलाफ एक हफ्ते के भीतर डीएसपी ट्रैफिक सिटी को जांच करने के लिए कहा है।
ज्ञात रहे कि तीन दिन पहले भी भगवती नगर में एक एसपीओ रिश्वत मांगता कैमरे में कैद हो गया था।
अच्छी बात है, लोग जागरूक हो रहे हैं
तीन दिन के भीतर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के रिश्वत मांगते वीडियो वायरल होने या विभाग तक पहुंचने पहुंचने को एसएसपी जोगिंदर सिंह अच्छी पहल मानते हैं। उनका मानना है कि सिस्टम में सुधार के लिए यह जरूरी है। एसएसपी सिंह ने लगातार रिश्वतखोरी के मामले पर कहा कि यह अच्छी बात है कि लोग जागरूक हो रहे हैं। शिकायत करने को सामने आ रहे हैं। अगर कोई रिश्वत लेता है तो उसके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर लगाने की सिफारिश
कांस्टेबल बशीर आर्म्ड पुलिस का कर्मचारी है। वह इस समय ट्रैफिक पुलिस के साथ अटैच है। ट्रैफिक पुलिस के एसएसपी ने जम्मू पुलिस से सिफारिश की है कि कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और इसकी एक कापी एसएसपी कार्यालय में भेजी जाए। नगरोटा के एसएचओ को मामले की जांच करने के आदेश भी दिए गए हैं।