श्रीनगर। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने दुख्तराने मिल्लत की चीफ आसिया अंद्राबी की जमानत के आदेशों को रद्द कर दिया। सरकार ने अनंतनाग के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा आसिया अंद्राबी को जमानत दिए जाने के आदेश को चुनौती दी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अलोक आराध्य और न्यायाधीश एमके हंजूरा ने सीनियर एडवोेकेट जनरल बीए डार की दलीलों के बाद पाया आसिया अंद्राबी के खिलाफ रणबीर पीनल कोड की विभिन्न धाराओं और जम्मू कश्मीर सरकारी संपत्ति संरक्षण की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिपोर्ट में साफ है कि 18 अप्रैल 2018 को सुबह पौने आठ बजे अनंतनाग पुलिस को सूचना मिली कि उग्र भीड़ ने केपी रोड पर पथराव शुरू कर दिया है। शाह बेकरी के नजदीक खड़ी सभी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने जांच शुरू की और मोबाइल भी जब्त किए। जांच में पाया गया तौहीद अहमद राथर, शौकत अहमद भट, तौहीद अहमद शाह, जुनैद सिकंदर मलिक, अशफाक अहमद भट, शाहिद अहमद खांडे भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे। इनके मोबाइल आसिया अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नाहिदा से बरामद किए। फोन की रिकार्डिंग को देखा गया। उसमें देखा कुछ आतंकी संगठनों के नेताओं के फोटो हैं। आसिया के सीमा पार आतंकी संगठनों से संपर्क हैं। इस रिकार्डिंग को एफएसएल में भेजा गया। इसकी रिपोर्ट का इंतजार है। खंडपीठ ने पाया कि प्रथम दृष्टया में केस काफी गंभीर है। आरोपी से पूछताछ जरूरी है। कई केसों का हवाला देते हुए आसिया अंद्राबी की जमानत को रद्द कर दिया।