जम्मू। ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में धान कट चुकी है। बड़े स्तर पर इन इलाकों से पराली पहाड़ी इलाकों में जा रही है। रात में चलने वाले पराली से लदे वाहन दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। साथ ही पराली की आड़ में आतंकियों के छुप कर शहर तक पहुंचने की आशंका भी है।
इन दिनों ट्रैक्टर ट्राली, 407 और ट्रकों में पराली लद कर जा रही है। रात में जब यह वाहन सामने से आ रहे होते हैं, तो दूसरी तरफ से आने वाला वाहन चालक चकमा खा जाते हैं। उसको वाहन के नजदीक पहुंचते ही पता चलता है कि सामने से पराली लदी हुई है। दरअसल यह पराली वाहनों के चारों तरफ फैली हुई होती है, जिससे टकरा कर वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। सूत्रों के अनुसार इन पराली से लदे वाहनों की आड़ में आतंकी भी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। वह बार्डर से घुसपैठ कर इसकी आड़ में छुपकर शहर तक पहुंच सकते हैं। ठीक जिस तरह से सेब के ट्रकों और अन्य ट्रकों में मवेशियों, नशा तस्करी की वारदातें होती हैं। वैसा ही यहां भी हो सकता है।