मीरां साहिब। गत दिनों सरोर निवासी संदीप सिंह नामक युवक को मारने के लिए दिलबाग सिंह को सुपारी दी गई थी। संदीप ने पुलिस को उस व्यक्ति का नाम भी बताया है, जिसने उसे जान से मारे जाने के लिए कहा था।
संदीप ने पुलिस को बताया कि जब वह अपने ऑफिस में बैठा था तो दिलबाग सहित दो और युवक वहां पहुंचे। उन्होंने आते ही मेरी स्कॉर्पियो कार की चाबी मांगी, मैंने चाबी देने से मना कर दिया। उसने बताया कि मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही इन तीनों ने तेजधार हथियार निकाल हमला कर दिया। सिर व बाजू में गहरी चोटें आने पर मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं अचेत होकर गिर पड़ा। भागते समय मेरे गले में पड़ी सोने की चेन और स्कॉर्पियो कार वह ले भागे। स्थानीय लोगों द्वारा देखे जाने पर कुलियां पुलिस पोस्ट पर इसके बारे में जानकारी देने पर उपचार के लिए ले जाया गया। कुलियां पोस्ट पर तैनात पुलिस की टीम ने स्कॉर्पियो कार ले जाने पर इन तीनों की तलाश की, लेकिन वह भाग निकले। उसने बताया कि गाड़ी में छह लाख रुपये नहीं, बल्कि कुछ कम रुपये थे।
मीरां साहिब पुलिस ने धारा 307, 382 में मामला दर्ज करने के उपरांत दिलबाग के दो साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि दिलबाग सिंह अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।
मीरां साहिब थाना प्रभारी जहीर मन्हास ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने सोने की चेन छीनने की बात कबूल की है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी दिलबाग सिंह को पकड़ने के लिए एक टीम का गठन किया है, शीघ्र ही उसे काबू कर लिया जाएगा। दिलबाग सिंह को जिस व्यक्ति ने सुपारी दी थी, पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है। कार में कितने रुपये थे इस बारे में एसएचओ का कहना है कि कार में एक लाख रुपये से कुछ अधिक थे।
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प्रॉपर्टी डीलरों से मांगे जा रहे रुपये
प्रापर्टी डीलर संदीप सिंह ने बताया कि वह क्षेत्र में काफी समय से कार्य कर रहा है। कुलियां नडी मार्ग के पास कार्यालय भी खोला है। कुछ असामाजिक तत्व के लोग प्रॉपर्टी डीलरों को डरा धमका कर रुपये मांगने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मांग करते हुए कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।