पानी की बाल्टी में गिरकर 9 माह की बच्ची की मौत हो गई। घटना केनाल रोड क्षेत्र की है। रात में बच्ची को दूध पिलाते समय मां की आंख लग गई। बच्ची पलटी खाकर बैड के साथ रखी बाल्टी में गिर गई। मृतक बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कर परिवार को सौंप दिया है। बच्ची एक श्रमिक दंपत्ति की थी।
कनाल रोड क्षेत्र में मुकेश सागर और उसकी पत्नी शिवानी रहते हैं। उनकी 9 माह की बेटी वर्षा भी साथ थी। शिवानी ने बताया कि मंगलवार रात को सो रहे थे। बच्ची बीच में थी और उसे दूध पिलाने के लिए एक साइड पर किया। दूध पिलाते ही उसकी आंख लग गई। बेड के पास ही बाल्टी पड़ी थी, जिसमें पानी भरा हुआ था। पता नहीं कब कैसे वह उसमें गिर गई। रात 12 बजे उसकी नींद खुली तो देखा कि वह सिर के बल बाल्टी में पड़ी हुई है। इसके बाद उसे बाहर निकाला। तब तक सांसें चल रहीं थीं। फटाफट उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
काश, बाल्टी को ढक कर रखा होता
मृतक बच्ची के पिता मुकेश का कहना है कि हर दिन बाल्टी में पानी रहता है। रात के समय वह इसे किसी न किसी बर्तन के साथ ढक देते हैं, लेकिन बीती रात को बाल्टी को ढकना भूल गए। अगर बाल्टी का ढक्कन लगा होता तो बच्ची की जान बच जाती।
बच्चों का रखें ख्याल
छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें। उनको पानी के आसपास या फिर बेड पर अकेला न छोड़ें। किसी बोरवेल या सड़क किनारे न छोड़ें। बच्चों को पानी की टंकियों, टब आदि से दूर रखें। एक छोटी सी गलती भारी पड़ सकती है।