-समय से पहले छोड़ी सेना की नौकरी, 10 वर्ष में आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाई
- फर्जी लाइसेंस राजोरी, डोडा, पुलवामा, उधमपुर, रियासी किश्तवाड़ समेत 10 जिलों से बने
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। फर्जी गन लाइसेंस मामले का आरोपी तीर्थ सिंह चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस बीच पुलिस ने अहम खुलासा किया है कि तीर्थ सिंह पूर्व सैनिक है और वह फर्जी गन लाइसेंस रैकेट का अहम हिस्सा है।
जम्मू के एसपी नॉर्थ अजय शर्मा के अनुसार, तीर्थ सिंह ने वर्ष 2010 में समय से पहले सेना से सेवानिवृत्ति ले ली थी। इसके बाद गन हाउस खोलकर हथियार बिक्री का कारोबार शुरू किया। उसने सरकारी विभागों में अफसरों और कर्मियों के बीच अच्छी पैठ बनाई। उसने पिछले 14 वर्ष के दौरान आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की। पुलिस को आशंका है कि यह कमाई उसने सरकारी विभागों के अफसरों की मिलीभगत के साथ मिलकर की है।
एपी के अनुसार, तीर्थ सिंह के निर्माणाधीन घर से जो बैग मिला था, उसमें राजोरी, डोडा, लेह, पुलवामा, उधमपुर, रियासी और कुपवाड़ा जिलों के उपायुक्त कार्यालयों से जारी होने वाली गन लाइसेंस की फीस की रसीदें हैं। इसके अलावा बांदीपोरा, गांदरबल और किश्तवाड़ जिलों के पैकेट भी मिले हैं।
फर्जी गन लाइसेंस केस में सरकारी
अफसर और कर्मचारी भी शामिल -पेज 2