जम्मू। पूर्व एमएलसी टीएस वजीर का हत्या आरोपी और गांधी नगर में कारोबारी के घर डकैती का मास्टरमाइंड हरप्रीत सिंह खालसा उर्फ अमित राणा बार-बार अपना बयान बदल रहा है। अब तक उसने तीन बार बयान बदले हैं। एक बार उसने कहा कि वह नागर सिंह की हत्या करना चाहता था। दूसरी बार कहा कि वह नागर सिंह का अपहरण करना चाहता था। तीसरी बार कहा कि वह नागर सिंह से पैसे लेने आया था। उधर, दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने भी हरप्रीत सिंह खालसा से पूछताछ की है। क्राइम ब्रांच ने पूर्व एमएलसी वजीर के परिवार से भी बातचीत की और हरप्रीत सिंह खालसा के बारे जानकारी ली। सूत्रों का कहना है कि हरप्रीत सिंह खालसा शातिर अपराधी है और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है, ताकि पुलिस इस मामले में उलझी रही। क्योंकि अभी तक इस मामले में शामिल 4 आरोपी अब भी फरार हैं, इसलिए पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही।
9 आरोपी नहीं जानते, नागर सिंह कौन
जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब तक हरप्रीत सिंह खालसा के अलावा पंजाब के रहने वाले 5 बदमाशों को भी गिरफ्तार किया हुआ है। इन लोगों ने पुलिस को बताया है कि वह लोग नागर सिंह को नहीं जानते। उन्हें नागर सिंह के बारे कोई जानकारी नहीं है। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि जम्मू में कारोबारी से पैसे लेने हैं। इन्हें रिकवर करने के लिए उनको पैसा मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ पंजाब के कई थानों में नशा तस्करी और विभिन्न अपराधों में मामले दर्ज हैं।
व्हाटसएप पर चलाया इंसाफ का अभियान
पूर्व एमएलसी टी एस वजीर के बेटे करण वजीर ने पिता को इंसाफ दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है। करण ने जस्टिस फार टी एस वजीर के नाम से व्हाटसएप ग्रुप बनाया है। इसमें उन्होंने शहर के कई बड़े कारोबारियों को भी शामिल किया है। करण का कहना है कि क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार दिल्ली क्राइम ब्रांच ने टी एस वजीर के परिवार से भी बातचीत की है। उनसे हरप्रीत सिंह के बारे जानकारी ली।
फायरिंग वाले इलाके में ले जाया गया हरप्रीत को
मामले में छन्नी पुलिस स्टेशन की पुलिस को भी जांच में शामिल किया गया है। क्योंकि हरप्रीत सिंह ने पुलिस पर इसी इलाके में अपनी पिस्टल से फायरिंग की थी। इसे लेकर पुलिस ने 307 के तहत केस दर्ज किया है। हरप्रीत सिंह को बुधवार को उक्त इलाके में भी ले जाया गया, जहां पर उसने फायरिंग की थी।