जम्मू। पूर्व एमएलसी टीएस वजीर का हत्यारोपी हरप्रीत सिंह खालसा अपना नाम अमित राणा रखकर तीन महीने से संजय नगर सेक्टर 4 एक्सटेंशन में रह रहा था। दिल्ली क्राइम ब्रांच उसे देश के कोने कोने में ढूंढ रही थी। यहां तक कि उसके खिलाफ 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि वह शहर में ही था और उस जगह था यहां वो हो सकता है, फिर भी किसी को पता नहीं चला।
जिस घर में हरप्रीत सिंह खालसा रह रहा था, वह त्रिकुटा नगर में रहने वाले निगेश कुमार नाम के व्यक्ति का है। 3 महीने पहले ही हरप्रीत सिंह खालसा ने अमित बनकर यह घर किराये पर लिया। घर लेने से पहले पूरे घर में रंग रोगन कराया गया। मोहल्ले के एक व्यक्ति ने बताया कि हरप्रीत मास्क लगाकर रखता था। वह तड़के ही घर से निकल जाता और देर शाम को घर आता था।
वारदात से पहले बदमाश यहीं रुके थे
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि हरप्रीत सिंह के घर पर हट्ठे कट्ठे हट्टे लड़के आते थे, जो देखने में पुलिस के जवान लगते थे। यह लोग रात में आते थे और तड़के निकल जाते थे। लोगों को शक था कि वह गलत आदमी हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं कहता था। 3 महीने से वह घर में आता जाता था। वह घर में अकेले ही रहता था।
सुबह 3 बजे स्कूटी पर जाते पकड़ा हरप्रीम, फायरिंग की
नंबर की मदद से पुलिस ने लोकेशन का पता चलाया
जम्मू। आरोपी हरप्रीत सिंह को पुलिस ने शहर की मार्बल मार्केट में सुबह 3 बजे पकड़ा। पुलिस के पास इसकी स्कूटी का नंबर था। इसकी लोकेशन पुलिस को पता चली कि वह मार्बल मार्केट इलाके में है। वह वहां से भाग जाने की फिराक में था। क्योंकि पुलिस को पता था कि वह जम्मू में ही है। पुलिस की टीम ने स्कूटी का पता करते करते इसे मार्बल मार्केट में घेरा। जैसे ही पुलिस इसके पास पहुंची तो इसने अपनी पिस्टल से 2 गोलियां पुलिस पर चला दी। गनीमत रही कि गोली किसी पुलिस वाले को लगी नहीं। हालांकि इसके बाद पुलिस ने इसे दबोच लिया। उक्त समय भी हरप्रीत ने चेहरा ढका हुआ था।
पकड़कर संजय नगर लेकर आई पुलिस
आरोपी को पकड़ने के बाद पुलिस उसे लेकर संजय नगर स्थित किराये वाले घर पहुंची। पुलिस ने मोहल्ले में सुबह 5 बजे तक लोगों से आरोपी के बारे पूछताछ की।
ज्यूल से खरीदी थी पुलिस की वर्दी, जीवन नगर नहर में फेंक दी
400 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की
जम्मू।
बदमाशों द्वारा इस्तेमाल की गई पुलिस की वर्दी शहर के ज्यूल स्थित एक स्टोर से खरीदी गई थी। हरप्रीत सिंह ने पुलिस की जर्सियां और टोपियां ही खरीदीं। इनको वह अपने साथ घर पर ले गया। जिस दिन वारदात को अंजाम दिया गया, उस दिन पहले सभी आरोपी हरप्रीत सिंह के घर पर जमा हुए। यहां से इन्होंने वर्दी ली और निकल गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद इन लोगों ने अपनी अपनी वर्दी, पिस्टल जमा की और इसे जीवन नगर की नगर में फेंक दिया। दो बैग में यह सामान रखा गया था। एक बैग पुलिस ने बरामद कर लिया, जो नहर में नहीं गिरा था। इस बैग से 2 पिस्टल, दो मैगजीन, 6 जर्सियां, 10 टोपियां बरामद की गईं। जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज की मदद से दबोचा है। पुलिस ने जम्मू, पंजाब, दिल्ली के 400 सीसीटीवी का फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की।
आज नहर बंद करेगी पुलिस
आरोपियों के पास से सिर्फ 2 पिस्टल ही बरामद हुई है। बाकी के हथियार इन लोगों ने जीवन नगर की नहर में फेंक दिए हैं। बुधवार को पुलिस नहर में हथियारों की तलाश करेगी।
हरप्रीत की माशूकाओं से होगी पूछताछ
बंटी और बबली बनकर लूटते थे लोगों को
जम्मू। आरोपी हरप्रीत सिंह जम्मू, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में कई लोगों से ठगी कर चुका है। बंटी और बबली के स्टाइल में वह अपनी माशूकाओं से मिलकर लोगों को ठगता था। पहले घर किराये पर लेने और बाद में घर के लोगों को ही चूना लगा देता था। यहां तक कि उसने दिल्ली और यूपी में कई लड़कियों को अपने जाल में फंसा रखा था। वह उनको ठग भी चुका है। एडीजीपी मुकेश सिंह का कहना है कि वह कई लोगों को ठग चुका है। बंटी बबली स्टाल में लोगों को ठगने के मामले की भी पुलिस जांच कर रही है।
टीएस वजीर के दोस्त थे नागर सिंह, राकेश अग्रवाल से भी है दोस्ती
राकेश अग्रवाल के घर की रेकी खुद हरप्रीत सिंह खालसा ने की थी, घर में चाय भी पीकर आया था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कारोबारी राकेश अग्रवाल के घर डकैती मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड हरप्रीत सिंह खालसा उर्फ अमित राणा ने सोची समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।
सूत्रों का कहना है कि हरप्रीत सिंह कारोबारी नागर सिंह की हत्या इसलिए करना चाहता था, क्योंकि किसी वक्त पूर्व एमएलसी टीएस वजीर और नागर सिंह दोस्त रहे हैं। वजीर की हरप्रीत सिंह ने 9 सितंबर 2021 को दिल्ली में किराये पर लिए घर में हत्या कर दी थी। तब हरप्रीत सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर 4 पन्नों का कबूलनामा भी लिखा था कि उसने वजीर की हत्या पुरानी रंजिश में की है, क्योंकि किसी समय नागर सिंह भी वजीर के दोस्त रहे हैं, इसलिए संभव है कि हरप्रीत सिंह पुरानी रंजिश के लिए नागर सिंह की हत्या करना चाहता था। राकेश अग्रवाल के घर को चुनने के पीछे का कारण भी साफ साफ नजर आता है। क्योंकि राकेश अग्रवाल और नागर सिंह भी दोस्त हैं। दोनों का एक-दूसरे के घर आना जाना लगा रहता था।
हालांकि इसके बारे एडीजीपी मुकेश सिंह का कहना है कि इस बात पर अभी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि नागर सिंह की हत्या हरप्रीत सिंह क्यों करना चाहता था, इसकी हम जांच कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में शहर के त्रिकुटा नगर रहने वाले भारत भूषण चोपड़ा की पत्नी, बेटी, खुद चोपड़ा और उसके नौकर की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में तब पूर्व एमएलसी टीएस वजीर और नागर सिंह उर्फ नागो का नाम भी आया था। इसके बाद यह लोग 6 साल तक जेल में रहे। हालांकि बाद में कोर्ट ने दोनों को आरोपों से बरी कर दिया था। 2015 में यह लोग जेल से बाहर आ गए थे और कोर्ट ने आरोपों से मुक्त कर दिया था।
जिम में दोस्ती की, फिर घर पर चाय पी
सूत्रों का कहना है कि हरप्रीत सिंह गांधी नगर स्थित रहने वाले कारोबारी राकेश अग्रवाल के घर चाय तक पी चुके हैं। हरप्रीत ने राकेश अग्रवाल से एक जिम में मुलाकात की थी और वहां पर इनकी दोस्ती भी हो गई। इसके बाद हरप्रीत सिंह एक दिन राकेश अग्रवाल के घर चाय भी पीने आया हुआ था। यहां से उसने पूरे घर की रेकी की। इसी रेकी को करने के बाद पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।