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Jammu News: कोविड-19 का आया नया वैरिएंट, अस्पताल पुरानी व्यवस्थाओं के साथ लड़ने को तैयार

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देश में कोविड-19 के नए वैरिएंट जेएन-1 के मामले आने पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने मांझीं पुरानी तैयारियां
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जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में साफ-सफाई, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी चालू हालत में
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा/आरएस पुरा/अखनूर। कोरोना के मामलों में फिर से उछाल आने पर स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। नए वैरिएंट जेएन-1 के मामले बढ़ते देख विभाग उन व्यवस्थाओं को फिर से शुरू करने लगा है, जो कोराेना काल के दौरान बनाई गई थीं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के कोविड-19 वार्ड के साथ ऑक्सीजन प्लांट की जांच शुरू कर दी है। सांबा अस्पताल कोविड-19 से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, घगवाल ट्रॉमा अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है।
देश के कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जेएन-1 के मामले बढ़ने से सांबा जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर वायरस से लड़ने के प्रयास शुरू किए हैं। वीरवार को जिला अस्पताल के कोविड वार्ड को दुरुस्त किया गया। इस वार्ड को डेंगू की बीमारी बढ़ने पर डेंगू वार्ड बना दिया गया था। अब इसे फिर से कोरोना वायरस के मरीजों के लिए तैयार किया गया है। जिला अस्पताल में सौ बिस्तर का कोरोना वार्ड बनाया गया था। उन सभी बिस्तरों पर ऑक्सीजन पाइप लगाए गए हैं। वीरवार को स्वास्थ्यकर्मी वार्ड की साफ-सफाई करते दिखे। जिला अस्पताल के अधीक्षक ने तकनीकी कर्मियों के साथ ऑक्सीजन प्लांट की भी जांच की, जो पूरी तरह चालू हालत में हैं। अस्पताल में 10 वेंटिलेटर भी काम कर रहे हैं।
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आरएस पुरा और अखनूर में भी तैयारी पूरी
कोविड के बढ़ते मामलों की जानकारी सब जगह पहुंच गई है, लेकिन सभी अस्पतालों व अधिकारियों को उच्चाधिकारियों से अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं। अखनूर के बीएमओ डॉ. मोहम्मद सलीम का कहना है कि उप जिला अस्पताल कोविड-19 से लड़ने के लिए तैयार है। यहां बिस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था है, और ऑक्सीजन प्लांट भी चालू है। वहीं, आरएस पुरा की बीएमओ डॉ. मोनिका कोतवाल ने बताया कि उप जिला अस्पताल में कोई विशेष तैयारी नहीं की गई है। जैसी व्यवस्था पहले थी, उन्हीं को दुरुस्त किया गया है। ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में है। बिस्तर भी पर्याप्त हैं।
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घगवाल के ट्रॉमा अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट बंद
वहीं, घगवाल के ट्रॉमा अस्पताल में बना ऑक्सीजन प्लांट बंद है। कोरोना काल के बाद इसकी कभी देखभाल ही नहीं की गई।
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सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सचिव व निदेशक के निर्देश पर बीते माह मॉक ड्रिल की गई थी। जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट हैं। एक की एक हजार व दूसरे की 500 की क्षमता है। दोनों चालू हालत में हैं। खांसी व जुकाम के मरीजों की जांच के लिए मटेरियल के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। एमरजेंसी और वार्ड में स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
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- डॉ. मोहिंदर पाल, अधीक्षक, जिला अस्पताल, सांबा
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घगवाल के ट्रॉमा अस्पताल में बंद हुए ऑक्सीजन प्लांट के लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि प्लांट को दुरुस्त करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
- सुरेश चंद्र, बीएमओ, सांबा
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