जम्मू। समाज कल्याण विभाग ने कोविड -19 बीमारी के प्रकोप के मद्देनजर बच्चों और देखभाल करने वालों को दैनिक दिनचर्या में व्यवधान का सामना करने में सक्षम बनाने के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि दैनिक दिनचर्या में व्यवधान, सामाजिक संपर्क को सीमित करने के संभावित नुकसान के डर से मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसका प्रभाव बच्चों और किशोरों पर समान रूप से हो सकता है। इन परिस्थितियों में बच्चों के साथ व्यवहार करते समय सतर्क रहना और सावधानी से चलना आवश्यक है। एडवाइजरी में कहा गया है कि बच्चों को जहां तक संभव हो अपने माता-पिता और परिवार के करीब रहना चाहिए। यदि बच्चे या देखभाल करने वाले को बीमारी के कारण बच्चे से दूर होना पड़ता है तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बच्चे को उचित वैकल्पिक देखभाल प्रदान की जाए और एक सामाजिक कार्यकर्ता, या देखभाल करने वाले को नियमित रूप से बच्चे का पालन के लिए होना चाहिए। अलग रहने की अवधि के दौरान, माता-पिता और देखभाल करने वालों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जाना चाहिए। बच्चों के साथ संवाद करते समय सकारात्मक रहना महत्वपूर्ण है। माता-पिता और देखभाल करने वाले अगर बेहतर तरीके से तैयार होते हैं तो वे अपने आसपास के लोगों को और अधिक आश्वस्त कर सकते हैं, खासकर बच्चों को।