श्रीनगर। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) बड़मलू में न्यायमूर्ति अमरजीत सिंह लांघे ने मुश्ताक अहमद खान को दुष्कर्म व अपहरण के आरोपों से बरी कर दिया। पुलिस की ओर दर्ज मामले के अनुसार, पीड़िता के पति ने 26 मार्च, 2010 को शिकायत दी थी कि 25 मार्च, 2010 को उसकी पत्नी खाना पकाने गई थी। रात तक घर वापस नहीं लोटी। आरोप है कि मुश्ताक ने उसका अपहरण किया और दुष्कर्म किया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का बयान असंगत व अविश्वसनीय था। यह आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है। अभियोजन पक्ष की ओर से दो जांच अधिकारियों को प्रस्तुत नहीं किया गया, जो मामले में अहम साक्ष्य दे सकते थे। संवाद