सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने मेडिकल आधार पर जमानत अवधि बढ़ाने की आरोपी की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने पाया कि जमानत बढ़ाने के लिए जो मेडिकल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया था, वह फर्जी है। मामले में आरोपी मोहम्मद हनीफ बिजरान की ओर से मेडिकल आधार पर दो माह की जमानत अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत के निर्देश पर एसएमएचएस अस्पताल श्रीनगर से रिपोर्ट मंगाई गई। वरिष्ठ रेजिडेंट सर्जन की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि आरोपी नाम का कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं रहा और उपचार से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा मेडिकल सुपरिटेंडेंट की रिपोर्ट में भी कहा गया कि मरीज की प्रोफाइल अस्पताल के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती और प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी प्रतीत होते हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर जमानत नहीं बढ़ाई जा सकती। कोर्ट ने आरोपी को उच्च न्यायालय द्वारा दी गई 10 दिन की अवधि पूरी होने के बाद जिला जेल अंबफला में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। संवाद