संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अदालत की ओर से अंतरिम सुपुर्दगी पर छोड़े गए वाहन पर डिजिटल लॉक होने से इसके आवश्यक दस्तावेज के नवीनीकरण में बाधा आ रही है।
अतिरिक्त सत्र न्यायालय सांबा ने मंगलवार को ऐसे ही एक मामले की सुनवाई के दाैरान आरटीओ को निर्देश दिया कि एनडीपीएस मामले में जब्त वाहनों पर डिजिटल लॉक में संशोधन किया जाए ताकि इनके दस्तावेज के नवीनीकरण में कोई बाधा न आए। मामले में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के निवासी अजय कुमार बस्सी ने अदालत में याचिका दायर कर बताया कि उनका वाहन गत वर्ष 27 सितंबर को अदालत के आदेश से अंतरिम सुपुर्दगी पर रिहा कर दिया गया था। इसके बावजूद वाहन को वहन पोर्टल पर डिजिटल रूप से लॉक कर दिया गया। इससे इसका उपयोग करना और इससे जुड़े दस्तावेज का नवीनीकरण कराना संभव नहीं हो पा रहा है। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि यह वाहन एनडीपीएस मामले में जांच के दौरान पुलिस की ओर से आरटीओ को भेजे गए पत्राचार के आधार पर लॉक किया गया था। यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद नहीं बल्कि जांच के शुरुआती चरण में की गई थी। अदालत ने कहा कि जब वाहन पहले ही अंतरिम सुपुर्दगी पर छोड़ा जा चुका है और जब्ती की कोई कार्यवाही शुरू नहीं हुई है तो डिजिटल लॉक के कारण बीमा, परमिट व फिटनेस जैसे नियमित दस्तावेज के नवीनीकरण में बाधा नहीं आनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुकदमे के लंबित रहने तक वाहन की बिक्री पर रोक रहेगी लेकिन अन्य वैधानिक दस्तावेज के नवीनीकरण पर कोई रोक नहीं होगी।