श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एक विंग कमांडर को दुष्कर्म मामले में अग्रिम जमानत दी है। अधिकारी पर एक महिला फ्लाइंग ऑफिसर ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। न्यायाधीश रजनेश ओसवाल की पीठ ने विंग कमांडर की याचिका को स्वीकार कर लिया। इसमें उन्होंने अग्रिम जमानत की मांग की थी। यह मामला पुलिस थाना बडगाम में दर्ज कराया गया था। इसमें आईपीसी की धारा 376(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। अदालत ने कहा कि प्रारंभिक मामला इस स्तर पर बनता है, क्योंकि याचिकाकर्ता वायुसेना स्टेशन श्रीनगर में सेवारत हैं और अगर उनकी गिरफ्तारी होती है तो उनकी प्रतिष्ठा और सेवा करियर खतरे में पड़ जाएगी। अदालत ने सरकार को मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई की तारीख 11 अक्तूबर को निर्धारित की गई है। इसके अलावा उच्च न्यायालय ने विंग कमांडर को निर्देश दिया है कि वह जम्मू-कश्मीर से बाहर नहीं जाएंगे और न ही किसी भी अभियोजन पक्ष के गवाह से संपर्क करेंगे। उन्हें 14 से 16 सितंबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा और उसके बाद जब भी आवश्यकता होगी।