श्रीनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को मदरसा शिक्षक को 12 वर्षीय लड़के के यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया। उसे 7 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामला नवंबर 2021 का है।
पॉक्सो मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट की पीठासीन अधिकारी आरती मोहन ने कहा, बाल यौन शोषण एक गंभीर समस्या है और बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बच्चों को शारीरिक, भावनात्मक और यौन शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। अगर दोषी रामबन का शब्बीर अहमद नाइक जुर्माना भरने में विफल रहता है, तो उसे छह महीने के लिए अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने कहा, यौन उत्पीड़न के माध्यम से बच्चों के खिलाफ अपराध न केवल बच्चे के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि समाज के साथ-साथ पीड़ित के परिवार को भी प्रभावित करता है। मुझे लगता है कि संस्थान में 8 साल की उम्र के नाबालिग बच्चे का यौन उत्पीड़न करने के मामले में दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है, क्योंकि बच्चा एक छात्र था और दोषी उसका शिक्षक था। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की राशि वसूल होने पर पीड़ित को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।