अधिकारियों को आठ सप्ताह में श्रीनगर के होटल को बिल का पूरा भुगतान करने के आदेश
ऐसा न करने पर छह फीसदी की दर से सालाना ब्याज भी भरना होगा
जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश सेखरी ने श्रीनगर के होटल न्यू मेट्रो के मामले में 2022 में गठित बिल वेरिफिकेशन कमेटी और उसकी 2023 में दी गई रिपोर्ट को रद्द कर दिया। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए आठ सप्ताह के भीतर होटल को बिल का पूरा भुगतान किए जाने और ऐसा न होने की स्थिति में छह फीसदी की दर से सालाना ब्याज भी भरने के आदेश दिए। मामला इस होटल को नवंबर, 2020 से पंच, सरपंच और पार्षदों को ठहराने के लिए किराये पर लिए जाने से संबंधित था। इसमें शुरुआती भुगतान के बाद क्लेम को लेकर विवाद हो गया। अधिकारियों ने महीनों बाद बनी एक कमेटी के सत्यापन का हवाला देते हुए होटल का बिल घटाकर 40 लाख से 89,736 कर दिया था। होटल ने कमेटी की रिपोर्ट को एकतरफा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन करने वाला करार देते हुए अदालत में चुनौती दी थी। होटल की ओर से कहा गया कि उसकी जगह लगातार कब्जे और सुरक्षा नियंत्रण में रहने के बावजूद वह कभी सत्यापन प्रक्रिया से नहीं जुड़ा। दूसरे, एक बार होटल को किराए पर लेने और सिक्योरिटी तैनात करने के बाद वह जगह का कोई दूसरा इस्तेमाल नहीं कर सकता था। अदालत ने कहा कि बिल वेरिफिकेशन कमेटी को खास तौर पर महंगाई या अनियमितता के आधार पर वित्तीय दावे को कम करते या खारिज करते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को ध्यान में रखना चाहिए। जेएनएफ