फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: हाईकोर्ट ने 2000 व 2001 बैच के मुंसिफों की वरिष्ठता रद्द की

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतियोगी परीक्षा में अंकों के हिसाब से दोबारा बनेगी सूची
विज्ञापन




जम्मू। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय की न्यायाधीश सिंधु शर्मा एवं संजय धर की खंडपीठ ने 2000 और 2001 बैच के मुंसिफों की वरिष्ठता सूची को रद्द कर दिया है। खंडपीठ ने निर्देश दिया कि उक्त दो बैचों के मुंसिफों की संशोधित वरिष्ठता सूची पीएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में उनके द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।
विज्ञापन




उपरोक्त निर्देश वर्ष 2000 के बैच से पहले सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों पर भर्ती किए गए नियुक्तियों पर लागू नहीं होगा। 2000 और 2001 के बैच के मुंसिफों द्वारा आज तक प्राप्त पदोन्नति उच्च ग्रेड इस फैसले से अप्रभावित रहेंगे। पहले से पदोन्नत व उच्च ग्रेड दिए गए किसी भी व्यक्ति को निचले ग्रेड व पद पर पदावनत नहीं किया जाना चाहिए, भले ही संशोधन के परिणामस्वरूप उच्च रैंक वाला अधिकारी निचले रैंक वाले अधिकारी से निचले पद पर बना रहे। उच्च ग्रेड में संभावित रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर होगी। खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता संख्या एक से पांच सहित ऐसे न्यायिक अधिकारी जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा तय की गई विवादित वरिष्ठता के कारण समय पर पदोन्नति व उच्च ग्रेड नहीं दिए गए, इसलिए उन्हें उच्च ग्रेड में रखने के लिए अपेक्षित अनुभव प्राप्त नहीं हो सका। वे ऐसे ग्रेड के लिए पात्र माने जाएंगे, चूंकि 2001 बैच के मुंसिफ हमारे समक्ष नहीं हैं, इसलिए खंडपीठ मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करता है कि वे 2000 और 2001 बैच के उन सभी अधिकारियों की सुनवाई के लिए माननीय न्यायाधीशों की एक समिति गठित करें, जो इस निर्णय में पारित निर्देशों के अनुसार वरिष्ठता के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले इस निर्णय से प्रभावित हो सकते हैं। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें