जम्मू। बिजली विभाग की लापरवाही के चलते 14 वर्षीय नाबालिग दिव्यांग हो गया। नाबालिग ने अपने पिता के जरिए इस मामले को अदालत में उठाया। अदालत ने नाबलिग को 31,90,540 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। बिजली विभाग 6 फीसदी ब्याज के साथ इस पैसे का भुगतान करेगा। यह महत्वपूर्ण आदेश मंगलवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रजनीश ओसवाल ने माजू नाम के नाबालिग की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
अपीलकर्ता नाबालिग ने अदालत में बताया कि 31 जनवरी 2017 को वह खेतों में मवेशी चराने गया था। जहां पर बिजली के तार टूटे हुए थे। वह इसकी चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गया और इससे शरीर का ऊपरी बायां अंग काम करना बंद कर गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने याचिकाकर्ता को 31,90,540 रुपये मुआवजा देने को कहा। हालांकि अपीलकर्ता ने 80 लाख रुपये जुर्माना देने की मांग की थी। इस पर जज ने कहा कि याचिकाकर्ता को किसी उचित उद्देश्य के लिए अधिक धन की आवश्यकता होती है तो वह इस न्यायालय से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र होगा। आदेश में कहा गया है कि 15 लाख रुपये अपीलकर्ता के खाते में तीन वर्ष के लिए फिक्स होगा। वह इसके बाद ही इसे निकाल सकेगा। बाकी का पैसा वह इस्तेमाल कर सकता है।