हाईकोर्ट ने जेके बैंक की पौनी शाखा के मामले में की सुनवाई
जम्मू। जम्मू-कश्मीर बैंक की पौनी शाखा में 1.26 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने बैंक के सहायक प्रबंधक इश्विंदर सिंह रान्याल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सहायक प्रबंधक रहते वह निष्क्रिय बैंक खातों से 1.26 करोड़ रुपये निकालने में शामिल पाया गया है।
इस मामले के बैंक शाखा पौनी के शाखा प्रबंधक ने पुलिस स्टेशन पौनी में एक लिखित आवेदन दायर किया, जिसमें सहायक प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया। आरोप है कि 22 सितंबर 2023 को पौनी शाखा में बैंक के सतर्कता अधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान निष्क्रिय बैंक खातों से अनाधिकृत निकासी की इंट्री पाई गई।
मामले की गहनता से जांच करने पर पाया गया कि सहायक प्रबंधक के रूप में काम करते हुए उक्त शाखा में मौजूद विभिन्न निष्क्रिय खातों में फर्जी डेबिट किए गए हैं और क्रेडिट आय को अपने खाता में स्थानांतरित करने के साथ ही आरोपी ने अपनी पत्नी सतविंदर कौर के बैंक खाते या तो सीधे या किसी शेर मोहम्मद के खाते के माध्यम से भेजा है। इसके अलावा एक अन्य व्यक् नरेंद्र कुमार के खाते और कुछ अन्य खातों में कुल 1.26 करोड़ रुपये अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए उक्त राशि निकाल ली। इससे बैंक और उसके उपभोक्ताओं को नुकसान हुआ। इस मामले में न्यायमूर्ति जावेद इकबाल वानी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर ऐसी सामग्री है जो याचिकाकर्ता को कथित अपराध से जोड़ती है। याचिकाकर्ता का यह कहना कि उसके खिलाफ लगाया गया मामला झूठा है, यहां प्रतिवादियों की ओर से याचिकाकर्ता के खिलाफ स्थापित मामले को बदनाम नहीं किया जा सकता है। याचिकाकर्ता की भूमिका को जांच एजेंसी द्वारा जांच के लिए खुला छोड़ना आवश्यक है। जेएनएफ