फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: जम्मू-कश्मीर के बाहर रह रहे 5300 पीओजेके परिवारों को भी साढ़े पांच लाख रुपये दे सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन
-उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसले में सरकार को छह माह में आदेश का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
विज्ञापन

जम्मू। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में शुक्रवार को प्रदेश के बाहर देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर विस्थापित परिवारों (पीओजेके डीपी) परिवारों को भी प्रदेश में रहने वाले पीओजेके विस्थापित परिवारों के समान साढ़े पांच लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रदेश सरकार सरकार को छह माह के भीतर इन सभी 5300 परिवारों को नकद सहायता व अन्य सभी लाभ प्रदान करने के लिए कहा है।
न्यायमूर्ति राहुल भारती ने मुजफ्फराबाद के एक विस्थापित, ओआईआर संगठन-एसओएस इंटरनेशनल के सदस्य और पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील राजेश कुमार बसंदी द्वारा दायर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि 1947 के पीओजेके के 5300 विस्थापित परिवारों के संबंध में पूरी स्थिति पर फिर से विचार किया जाए। उनके उत्तराधिकारियों के माध्यम से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के बाहर बसे उनके उत्तराधिकारियों के संबंध में पूरी स्थिति को ध्यान में रखा जाए। भुगतान करने के उनके संबंधित अधिकार पर भी विचार हो। पूर्ववर्ती जम्मू एवं कश्मीर राज्य में बसे 1947 के पीओजेके के 26,319 विस्थापित परिवारों को दी जाने वाली राशि का निपटान किया जाए। उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सेठी और अन्य वकीलों की मौजूदगी में सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश देते हुए सभी रिट याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
विज्ञापन

राहत और पुनर्वास पैकेजों में हिस्सा देने के निर्देश
न्यायमूर्ति राहुल भारती ने कहा कि रिट याचिकाओं में कारणों की समानता यह है कि 1947 के आक्रमण के बाद तत्कालीन रियासत जम्मू-कश्मीर के लगभग 5300 विस्थापित और विस्थापित परिवारों के दर्द व अभाव को उचित समय पर शांत किया गया था। वर्ष 2017-2018 में अदालत के समक्ष रिट याचिकाओं के माध्यम से स्थिति को अवगत करवाया गया। भारत के संविधान का अनुच्छेद 14 भारत के सभी नागरिकों के लिए यह प्रावधान रखता है और सुनिश्चित करता है। इसकी पालना होनी चाहिए। इसलिए सरकार द्वारा बढ़ाए गए राहत और पुनर्वास पैकेजों में हिस्सा दिया जाए।
विज्ञापन

जेएनएफ

कुरुक्षेत्र। पटवारियों और कानूनगो को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के न

कुरुक्षेत्र। पटवारियों और कानूनगो को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के न

कुरुक्षेत्र। पटवारियों और कानूनगो को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के न

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें