जम्मू। दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने जम्मू में तैनात उत्तर रेलवे के कार्यकारी अभियंता को पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सीबीआई बाला ज्योति ने सोमवार को इस मामले में कार्यकारी अभियंता बी. मित्तल को सजा सुनाई।
2009 में रेलवे ठेकेदार राजीव जसरोटिया ने कार्यकारी अभियंता के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। इसमें बताया कि विजयपुर से बाड़ी ब्राह्मणा और बाड़ी ब्राह्मणा से जम्मू के बीच पीवे बिछाने और जोड़ने का ठेका 2006-2007 के दौरान 1.5 करोड़ रुपये में हरिओम कंस्ट्रक्शन (शिकायतकर्ता) को आवंटित किया गया था। इसमें उनकी सुरक्षा राशि 7.5 लाख बकाया थी। कार्यकारी अभियंता बी मित्तल ने इसे जारी करने की एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने सीबीआई में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसपी सीबीआई एसीबी केएल रैना ने जांच की। सत्यापन अधिकारी ने शिकायतकर्ता राजीव जसरोटिया को अपने मोबाइल नंबर से आरोपी के मोबाइल पर स्पीकर मोड से बात करने को कहा। इसमें बीबी मित्तल द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की पुष्टि की गई। इसके बाद 2009 को मामला दर्ज किया गया। विशेष न्यायाधीश सीबीआई ने सीबीआई के विशेष पीपी मनमोहन शर्मा और आरोपी के वकील वैभव गुप्ता के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सेठी की सुनवाई के बाद कहा कि लोक सेवकों द्वारा भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बन गई है, जो हर जगह फैल चुकी है। दोषी वास्तव में इस तरह के अपराध के लिए पहली बार पकड़ा गया है। ऐसे में उसे पांच वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना किया जाता है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास काटना होगा। जेएनएफ