-हाईकोर्ट ने पठानकोट के डॉ. सुनीत सिंह की याचिका पर की सुनवाई
जम्मू। कठुआ में सील किए गए नशा मुक्ति क्लीनिक को खोलने के आदेश जारी किए गए हैं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद युसुफ वानी ने सोमवार को क्लीनिक के मालिक एवं डॉक्टर सुनीत सिंह की याचिका पर सुनवाई की। डाॅ. सुनीत के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता पठानकोट का निवासी है। उन्होंने 2011 में सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला से एमबीबीएस और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन नई दिल्ली से मनोचिकित्सा में डीएनबी की। वे जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल में विधिवत पंजीकृत हैं। इसके अलावा याचिकाकर्ता पंजाब मेडिकल काउंसिल में भी पंजीकृत हैं। वर्तमान में याचिकाकर्ता यूरोपीय मनोचिकित्सा संघ के सचिव आपातकालीन मनोचिकित्सा के पद पर भी हैं।
वकील ने कहा, याचिकाकर्ता के एक पेशेवर प्रतिस्पर्धी ने निहित स्वार्थ, प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या से याचिकाकर्ता के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई। दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता को न तो उक्त झूठी शिकायत की प्रति उपलब्ध कराई गई और न ही उसके खिलाफ कोई सामग्री। यह सामने आया है कि उक्त व्यक्ति की शिकायत डीसी कठुआ के कार्यालय से एसएसपी कठुआ के पास चली गई। बाद में औचक छापा मारकर क्लीनिक सील कर दिया गया। कहा कि वे क्लीनिक में नहीं थे और कोई जूनियर डॉक्टर क्लीनिक चला रहा था। यह कहकर क्लीनिक सील और लाइसेंस स्थगित कर दिया। आपत्तिजनक आदेश पारित करते समय जांच पर विचार किया गया था, लेकिन कोई जांच नहीं हुई है, न तो याचिकाकर्ता को कोई आरोप पत्र या अभियोग प्रदान किया गया है। न ही तथाकथित जांच समिति द्वारा कोई बयान दर्ज किया गया है। यहां तक कि याचिकाकर्ता को यह जानकारी भी नहीं है कि तथाकथित जांच समिति के सदस्य कौन हैं और क्या अधिनियम के तहत ऐसी कोई समिति गठित की जा सकती है। दलीलें सुनने के बाद जज ने क्लीनिक को डी सील करने का आदेश दिया। जेएनएफ