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Jammu News: 32 साल पुराने 40 लाख के धोखाधड़ी केस में तत्कालीन सीनियर बैंक मैनेजर और कंपनी मालिक को दो साल कैद

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श्रीनगर। सीबीआई अदालत ने 32 साल पहले हुई 40 लाख की धोखाधड़ी के 24 साल चले केस में फैसला सुनाया है। दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई गई है। इसी मामले में शामिल एक आरोपी की मौत हो चुकी है, इसलिए उसके खिलाफ दायर मुकदमा रद्द कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ यह मामला सीबीआई के एसपी को लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया गया था।
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1991-1992 में श्रीनगर के ख्याम चौक स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक ने एम/एस श्रीनगर हाउसिंग सर्विस, एस जैकपॉट कारपेट इंडस्ट्रीज श्रीनगर, एम/एस जैकपॉट कार्पेट इंडस्ट्रीज, एम/एस सनशाइन हुसैन, एम/एस फारुख बिलाल एंड कंपनी और अन्य अज्ञात लोगों ने शाखा के साथ वित्तिय धोखाधड़ी की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आपराधिक साजिश के तहत केएस खुराना ने धोखाधड़ी से 41,44,203 रुपये के नकली विदेशी उपकरण एमएस हाउसिंग सर्विस से खरीदे। इसके दस्तावेज धोखाधड़ी से तैयार करके बैंक में जमा किए और भुगतान भी करवा लिया गया। केएस खुराना ने धोखाधड़ी से विभिन्न खातों में 6,41,040 रुपये का भुगतान भी दिखाया लेकिन बैंक से इसके वाउचर नहीं मिले। अदालत ने कहा कि इससे यह साबित होता है कि आरोपी कंवरजीत सिंह खुराना, पंजाब और आरोपी गुलाम कादिर लोन, श्रीनगर, आरोपी गुलाम मोहम्मद चेचू ने धारा 5(1)(डी) के तहत अपराध किया है जो धारा 5(2) पीसी एक्ट 2006 के तहत दंडनीय है।

विशेष न्यायाधीश एससी. काटल ने कहा कि दोनों आरोपियों कंवरजीत सिंह खुराना और गुलाम कादिर लोन को अपराध के लिए दोषी ठहराया जाता है। आरोपी नंबर 4 केवल फर्म में भागीदार है। हालांकि गुलाम मोहम्मद चेचू की मौत हो चुकी है, इसलिए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही निरस्त की जाती है। कोर्ट ने कहा कि बैंक से धोखाधड़ी में देश की अर्थव्यवस्था और बड़े पैमाने पर समाज पर प्रभाव पड़ता है। अदालत ने कहा कि आरोपी कंवरजीत सिंह खुराना की उम्र 76 साल है और आरोपी गुलाम कादिर की उम्र इस समय 74 साल है। अभियुक्तों ने 1991-92 में चालीस लाख रुपये का घोटाला किया था, जो उस समय बड़ी रकम थी, लेकिन अभियुक्तों की वृद्धावस्था, स्वास्थ्य स्थिति और मुकदमे के दौरान लंबी पीड़ा को ध्यान में रखते हुए दो साल का साधारण कारावास और पचास-पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जाती है। आरोपियों को केंद्रीय जिला जेल श्रीनगर में रखा जाएगा।
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