सुंदरबनी। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए लॉकडाउन को बढ़ाना तो सही कदम है, लेकिन इससे दूसरे राज्य के मजदूरों तथा स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से दूसरे राज्यों के मजदूरों तथा स्थानीय दिहाड़ीदारों तक राशन पहुंचाने के पूरे प्रयास तो हो रहे हैं, लेकिन इतना कुछ कर पाना किसी भी सरकार के बस में नहीं है, जिससे एक आम आदमी की जरूरतें पूरी हो सकें। पिछले तकरीबन 20 दिन से लॉकडाउन के कारण लोग घरों में तो हैं ही, जिससे उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें प्रशासन की ओर से उन्हें तथा उनके परिवारों के लिए कुछ राशन की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन मवेशियों के लिए चारे सहित अन्य कई प्रकार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए परेशानियों का सबब बन चुका है। आने वाले दो सप्ताह तक लॉकडाउन रहने के कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पडे़गा। संवाद