दिल्ली समेत देशभर के कई राज्यों में अचानक कोविड के बढ़ते मामलों ने जम्मू कश्मीर के लिए चिंता बढ़ा दी है। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से रोजाना जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों लोगों का आवागमन हो रहा है। इससे आशंका है कि आगामी दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संक्रमण का प्रसार हो सकता है।
एहतियाती खुराक को भी प्राथमिकता से लें लोग
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जम्मू-कश्मीर में चौथी लहर की दस्तक होती है, तो कोविड बचाव टीके की खुराक न लेने वाले और पहले से बीमार लोगों के लिए अधिक खतरा रहेगा। लोगों को एहतियाती खुराक को भी प्राथमिकता पर लेना चाहिए, ताकि वे पूरी तरह से संक्रमण से सुरक्षित हो सकें।
कोविड को लेकर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में
जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में कोविड को लेकर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। दैनिक आधार पर दस से कम संक्रमित मिल रहे हैं। आधे से अधिक जिले कोविड मुक्त चल रहे हैं। संक्रमण दर को देखते हुए जम्मू एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर भी कोविड परीक्षण बंद कर दिए गए हैं, लेकिन दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों में दैनिक आधार पर संक्रमण दर बढ़ रही है।
अधिकांश लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे
प्रदेश के सार्वजनिक स्थलों की बात करें, तो अधिकांश लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे हैं। अधिकांश लोगों ने मास्क को अपने से दूर कर दिया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सामाजिक दूरी का कहीं पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण को प्रसार करने में मदद मिलती है।
घबराने के बजाय टीकाकरण पर ध्यान देने की जरूरत
जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डा. संदीप डोगरा का कहना है कि जिन लोगों ने दो और एहतियाती कोविड टीके की खुराक ले ली है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कोविड की चौथी लहर से डरने के बजाय टीकाकरण पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
लोगों को आवश्यक टीके की खुराक लेनी चाहिए
इसमें सामुदायिक स्तर पर सभी लोगों को आवश्यक टीके की खुराक लेनी चाहिए, ताकि वे संक्रमण से सुरक्षित हो सकें। समाज में अभी भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने टीके की कोई खुराक नहीं ली है। ऐसे में उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक होगा। इसके साथ पहले से बीमार लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्हें हर हाल में कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए।