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Jammu News: मासिक बैठक में भिड़े पंच व सरपंच, पंचायत के मुद्दे आपसी झगड़े में हवा

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पंचायत परलाह में पंचों ने सरपंच पर लगाया प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में गड़बड़ी का आरोप
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सरपंच की ओर से पंचायत में अतिक्रमण पर भी ध्यान न देने की कही बात, सरपंच बोले- साबित करें

संवाद न्यूज एजेंसी

अरनिया। पंचायत परलाह में पंचों व सरपंचों की सोमवार को आयोजित हुई मासिक बैठक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गई। बैठक में पंचों ने सरपंच पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उसके अलावा पंचायत में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर भी पंचायत प्रतिनिधियों में बहस हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पंचायत को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए रणनीति बनाना था। लेकिन, इस मुद्दे पर कोई चर्चा ही नहीं हो सकी।
सोमवार को सुबह 11 बजे मासिक बैठक शुरू हुई। इसमें ग्राम सेवक सुनील कुमार, सरपंच शशि कुमार, पंच दर्शन कुंडल, पंच सुरेंद्र कुमार, पंच आशा कुमारी, पटवारी राकेश कुमार, सिंचाई विभाग, जल शक्ति विभाग और आंगनबाड़ी कर्मी मौजूद थे। शुरुआत में ही पंच सुरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सूची में गड़बड़ी को लेकर सरपंच को आड़े हाथों लिया। कहा कि पंचों की ओर से योजना का लाभ लेने के लिए दी गई लोगों की सूची को सरपंच हटा देते हैं। वह खुद ही लोगों की सूची तैयार करते हैं और उसे कहने के बाद भी सार्वजनिक नहीं करते। सूची में होने वाले फेरबदल के बारे में भी पंचों को नहीं बताया जाता। यह गलत है।
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बैठक में पंच की बात सुनकर सरपंच शशि कुमार आग बबूला हो गए। उन्होंने पंच को अपना आरोप साबित करने के लिए कहा। इसके बाद दोनों में तीखी नोकझोंक हुई। बैठक में मौजूद विभाग के कर्मचारियों और पंचों ने मामला शांत करवाया। एक मामला शांत हुआ तो पंच दर्शन कुंडल ने दूसरा मामला छेड़ दिया। कहा कि पंचायत में सरकारी जगह पर अतिक्रमण हो रहा है। इसकी सूचना सरपंच को दी गई है। इसके बावजूद कोई काम नहीं हो रहा। उल्टा सरपंच कहते हैं कि संबंधित विभाग से जाकर शिकायत करो। पंच बोले कि अतिक्रमणकारी इतने निडर हो गए हैं कि वे किसी की परवाह ही नहीं करते। सरपंच को इसका कड़ा संज्ञान लेना चाहिए, और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवानी चाहिए। यह सब सुनकर सरपंच बैठक से उठे और चलते बने। उनके पीछे एक के बाद एक पंच और विभागों के प्रतिनिधि भी बैठक छोड़कर चले गए। इस पूरे मुद्दे पर जब सरपंच से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने बात करने से साफ मना कर दिया।

पंचायत को प्लास्टिक मुक्त करने पर होनी थी चर्चा
पंचायत सचिव सुनील कुमार ने बताया कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा पंचायत को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए रणनीति बनाना था। इस दौरान सभी प्रतिनिधियों और विभागों को मुद्दे पर अपनी बात रखनी थी और एजेंडे पर काम करने के लिए रणनीति बनाकर इसे लागू करना था। इससे पंचायत को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में मदद मिलती। लेकिन, पंचों और सरपंच की आपसी बहस के चलते लोगों के हितों के मुद्दे पर चर्चा ही नहीं हो पाई।
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अतिक्रमण को लेकर सरपंच बिल्कुल जागरूक नहीं हैं। पहले भी अतिक्रमण के कई मामले पंचायत में सामने आए हैं, जो सरपंच और कुछ पंचों की लापरवाही के कारण बढ़े। अतिक्रमण को लेकर लोग पंचायत को सूचित करते हैं, लेकिन सरपंच कोई कार्रवाई नहीं करती। इसके चलते पंचायत में अतिक्रमणकारी हावी हैं।

- राकेश सिंह, उप सरपंच
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