-करियाल-चक माजरा व अरनिया-शेरे चक के बीच पुल न बनने से रोष
-बोले-इस चुनाव में वादे नहीं काम करने वाले नेता को ही देंगे वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। लोकसभा चुनावों के बीच एक बार फिर अरनिया के लोगों ने यहां के दो पुलों का निर्माण न होने का मुद्दा उठाया है। लोग 10 साल पुरानी पुलों की मांग पर चुनाव में नेताओं को घेरेंगे। उनका कहना है कि इस बार वादे नहीं काम करने वाले नेता को ही वोट देंगे।
लोगों का कहना है कि लंबे समय से गांव करियाल से चक माजरा और अरनिया से शेरे चक के बीच पुल का निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। यह मांग करीब 10 साल से की जा रही है। कई बार पुलों की डीपीआर बनाई गई, लेकिन आगे की कार्यवाही नहीं हुई है। आश्वासन के अलावा लोगों को कुछ नहीं मिला है। यह पुल लोगों के लिए लाइफ लाइन का काम करते हैं। इन पुलों का निर्माण होने से लोगों की आर्थिक और समय की बचत बड़े पैमाने पर होती है। बड़े कम समय में लोग शहर पहुंच सकते हैं। अरनिया के लगभग 20 गांव पुल का निर्माण न होने से अरनिया से कटे रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बरसात में आती है। लोगों को 5 मिनट का सफर आधे घंटे तक करना पड़ता है।
वहीं, दूसरी करियाल से चक माजरा के बीच में पुल लोगों को शहर जाने का समय कम कर देता है। इस बार क्षेत्र के लोगों ने पुलों का मुद्दा सबसे अहम रखा है। लोगों का कहना है कि चुनावी प्रचार के दौरान नेताओं से पुल का निर्माण न होने को लेकर पूछा जाएगा।
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वोट के लिए बड़े-बड़े दावे करने वाले नेताओं को याद कराएंगे वादे
ग्रामीण कुलदीप राज ने बताया कि करियाल से चक माजरा के बीच पुल न होने से ग्रामीणों को लंबा सफर तय करने के बाद जम्मू जाना पड़ता है। वहां पुल की सुविधा दी जाती है, तो आर्थिक बोझ और समय की बचत होगी। वोट लेने के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेताओं से इस बार वादे याद करवाए जाएंगे।
अरनिया के यशपाल सैनी ने कहा कि दोनों पुल का निर्माण न होने से अरनिया क्षेत्र व्यापार में पिछड़ा है। लोग न चाहते हुए भी अन्य शहरों का रुख कर लेते हैं। पुल बनने से अरनिया की तरक्की निश्चित तौर पर हो जाएगी। परंतु 10 सालों में किसी नेता या प्रशासन ने इसमें गंभीरता नहीं दिखाई है।
गांव अल्लाह के लवली सिंह ने कहा कि करियाल से चक माजरा पुल के निर्माण को लेकर हर संभव कोशिश ग्रामीणों की तरफ से की गई है। लेकिन ग्रामीणों की भावनाओं को नजरअंदाज किया गया है। इस बार चुनाव के दौरान पुल के मुद्दे को दिमाग में रखकर वोट देंगे।
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अरनिया के करियाना व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद अरनिया के विकास को तवज्जो नहीं दी गई है। पुलों के निर्माण सांसद के सीधे प्रोटोकॉल में आते हैं। नेताओं के वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। जमीनी स्तर पर अरनिया का विकास नहीं हो पाया है। इस बार चुनाव में विकास का मुद्दा अहम रहेगा।