अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में आपका स्वागत है... यदि किसी रोड पर ऐसा बोर्ड दिखाई दे तो यह मत सोचिए कि आपकी यात्रा मंगलमयी होने वाली है। शहर की ओर बढ़ते ही आपको परेशान दो से ढाई फीट चौड़े और करीब एक फीट गहरे गड्ढे करेंगे, जिससे सफर डांवाडोल होगा। कई जगहों पर हो सकता है कि आपको गड्ढों के बीच वाहन निकालने के लिए सड़क तलाशनी पड़े। एक साल में सड़कों की भले ही कई बार मरम्मत हो चुकी है, लेकिन मार्ग फिर भी बदहाल हैं। यह हालात तब है जब नवरात्र सहित अन्य त्योहार आने वाले हैं। दुकानें सजने लगी हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार वातानुकूलित कमरों में बैठे टाइम पास कर रहे हैं।
स्थिति इस कदर तक खराब हो चुकी है कि गड्ढों के बीच वाहन चालकों और सवारियों की कमर दर्द हो रही है। गुम्मट, पीर मिट्ठा, वीसी रोड, उदयवाला में कैनाल रोड, भगवती नगर, गांधी नगर सहित अन्य इलाकों की सड़कों में दर्जनों गड्ढे हैं। कई जगहों पर तो ग्रामीण क्षेत्र की सड़क से भी हालात बदतर हो चुके हैं। गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार घटकर 20 से 30 के बीच रह गई है। छह से आठ किलोमीटर का सफर तय करने में ही आधे घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। बिना किसी रुकावट के जाम की स्थिति बन रही है। लोग किससे शिकायत करें, क्योंकि कोई सुनने वाला नहीं है।
बाइक से निकलना भी दूभर
फत्तू चौहान बाजार के व्यवसायी सुनील कुमार और पक्का डंगा निवासी योगेश वर्मा का कहना है कि अधिकारी भले ही एक साल में कई बार सड़क की मरम्मत कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सड़कें टूटी हैं। आम लोगों का वाहन चलाना तक दूभर हो रहा है। कहीं पर हालात ऐसे हैं कि बाइक से निकलना मुश्किल हो जाता है। बार-बार आने-जाने से कमर दर्द हो रही है। प्रशासन को चाहिए कि त्योहारों को लेकर शहर की सड़कें चकाचक की जाएं ताकि देश समेत विदेश से मां वैष्णो देवी के लिए आ रहे भक्तों को भी सुविधा मिल पाए।
शहर व आसपास की जो सड़कें हैं उनमें ज्यादातर गड्ढों को भरवा दिया है और टूटी सड़कों की मरम्मत करा दी गई है। यदि कहीं सड़क टूटी है तो उसे ठीक करा दिया जाएगा।
-रजत गुप्ता, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग