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Election in J&K: जम्मू में एक साल से रह रहे लोग कर सकेंगे वोट, पीडीपी-नेकां ने किया विरोध

Wed, 12 Oct 2022 02:41 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू जिला प्रशासन की ओर से नया आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार जम्मू जिले में एक साल से रह रहे लोगों के लिए मतदाता सूची तक की राह आसान हो गई है। 
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election Jammu and Kashmir Voting (File) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची में संशोधन का कार्य जारी है। इसी बीच जम्मू जिला प्रशासन की ओर एक नया आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार जम्मू जिले में एक साल से रह रहे लोगों के लिए मतदाता सूची तक की राह आसान हो गई है। 

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मंगलवार को जम्मू जिला उपायुक्त अवनी लवासा की ओर से जारी आदेश में तहसीलदारों या राजस्व के अधिकारियों को आवास प्रमाण पत्र जारी करने के अधिकार दिए गए हैं। प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य उन लोगों को मतदाता सूची में शामिल करना है, जो रजिस्ट्रेशन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

आदेश में जिला निर्वाचन आधिकारी और उपायुक्त अवनी लवासा ने उन दस्तावेजों की सूची भी जारी की है, जिन्हें निवास के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है। केंद्र शासित प्रदेश में नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन, नाम हटाने, सुधारने और जगह छोड़कर जा चुके या गुजर चुके मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर विशेष संशोधन प्रक्रिया चल रही है। 
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आदेश के अनुसार, विशेष संशोधन प्रक्रिया के दौरान जम्मू जिले में पात्र मतदाता का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के लिए 'सभी तहसीलदारों को जरूरी फील्ड वेरिफिकेशन के बाद उन लोगों को आवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है, जो एक साल से ज्यादा समय से जम्मू जिला में रह रहे हैं।' आदेश में कहा गया है कि यह सामने आया था कि जरूरी दस्तावेज नहीं होने के चलते कुछ पात्र मतदाता रजिस्ट्रेशन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

इन दस्तावेजों को कराया जा सकते है जमा-

  • एक वर्ष के लिए पानी/बिजली/गैस कनेक्शन।
  • आधार कार्ड
  • राष्ट्रीयकृत/अनुसूचित बैंक/डाकघर की वर्तमान पासबुक
  • भारतीय पासपोर्ट 
  • किसान सहित राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड
  • रजिस्टर्ड रेंट/लीज डीड (किरायेदार के मामले में) 
  • खुद के घर के मामले में रजिस्टर्ड सेल डीड

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जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर फोटो मतदाता सूचियों के विशेष सारांश संशोधन का कार्य 18 सितंबर से जारी है, जो 25 अक्तूबर तक जारी रहेगा। सोमवार को बैठक कर चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की प्रगति की समीक्षा कर इसमें तेजी लाने के सभी जिलों को निर्देश दिए हैं।

इसमें राजनीतिक दलों के नुमाइंदों से भी संपर्क कर आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। यह हिदायत दी गई कि यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता का नाम शामिल होने से छूट न जाए। कहा गया है कि युद्धस्तर पर बूथ स्तर तक 18 साल की आयु पूरी कर चुके युवाओं का नाम शामिल कराया जाए।

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Mehbooba Mufti - फोटो : बासित जरगर
महबूबा मुफ्ती ने कहा- जम्मू मतदाता पंजीकरण डोगरा संस्कृति को पहला झटका

जम्मू मतदाता पंजीकरण के लिए जारी आदेश को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस आदेश को डोगरा संस्कृति को पहला झटका बताया है। वहीं, नेशनल कांफ्रेंस का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में 25 लाख गैर-स्थानीय मतदाताओं को जोड़ने की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए जारी नए आदेश से यह स्पष्ट है कि जम्मू में भारत सरकार की औपनिवेशिक बसाने वाली परियोजना शुरू हो गई है। उन्होंने डोगरा संस्कृति, पहचान, रोजगार और व्यवसाय को पहला झटका दिया है।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के बीच धार्मिक और क्षेत्रीय विभाजन पैदा करने के भाजपा के प्रयासों को विफल किया जाना चाहिए। क्योंकि चाहे वह कश्मीरी हो या डोगरा, हमारी पहचान और अधिकारों की रक्षा तभी संभव होगी जब हम सामूहिक लड़ाई लड़ेंगे।'

वहीं, नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि भाजपा चुनावों से 'डरती' है और जानती है कि वह बुरी तरह हारेगी। नेकां का कहना है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में 25 लाख गैर-स्थानीय मतदाताओं को जोड़ने की अपनी योजना के साथ आगे बढ़ रही है। इस कदम का विरोध करते हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों को इन साजिशों को मतदान में पराजित करना होगा।
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