श्रीनगर। मुख्य न्यायाधीश एन. कोटिश्वर सिंह ने टैगोर हॉल में कानून के साथ संघर्ष में बच्चों पर एक दिवसीय वार्षिक हितधारक परामर्श सत्र का उद्घाटन किया। इसका आयोजन किशोर न्याय समिति, बाल कल्याण समिति, समाज कल्याण विभाग, सामाजिक और जनजातीय कल्याण विभाग के सहयोग से किया गया था। मुख्य न्यायाधीश ने बैठक के विषय बाल अधिकारों से संबंधित कानून के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने अब बच्चों के कल्याण की दिशा में आदर्श बदलाव आया है। कानून के साथ मुख्य न्यायाधीश ने रेखांकित किया कि ऐसे बच्चों को सिस्टम में वापस लाने के लिए हितधारकों का सहयोग आवश्यक है।
न्यायमूर्ति ताशी ने अपने विशेष संबोधन में बच्चे को कानून के गलत पक्ष की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। सदस्य सचिव किशोर न्याय (जेजे) समिति अमित कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करके विचार-विमर्श करने के लिए जेजे समिति की ओर से इस यूटी स्तरीय परामर्श का आयोजन किया जा रहा है। पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से भी जानकारी दी गई। ब्यूरो