लोगो ने गुप्ता गंगा के किनारों पर पौधारोपण की भी मांग की
पुरमंडल । पुरमंडल से उत्तरबनी तक गुप्त गंगा के नाम से जाने जाने वाली ऐतिहासिक नदी में हर गर्मियों में पानी की कमी हो जाती है और सूखा पड़ जाता है। इसके चलते लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस नदी में जगह जगह चेक डैम बनाए जाएं और दोनों किनारे पर पैदल चलने का रास्ता बनाया जाए। इसके साथ ही हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे भी लगाए जाएं।
ऐतिहासिक नदी गुप्त गंगा का महत्व सदियों से चला आ रहा है। इस नदी में रेत में थोड़ा सा गड्ढा करने पर हर मौसम में पानी निकल आता है। इस जल से लोग स्नान करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है की पुरमंडल से उत्तरबनी तक इस गुप्त गंगा के किनारे कई ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनमें इंद्रेश्वर, उमापति, वीरेश्वर, खड़केश्वर, बिल्केश्वर, भूतेश्वर, कशीश्वर, गणेश्वर प्रमुख हैं जिनको प्राचीन समय में डोगरा शासकों ने बनाया था स्थानीय लोगों हेमराज शर्मा, जोगिंदर शर्मा, गोपाल शर्मा, आदि ने बताया कि इस नदी में पानी का जलस्तर दिनों दिन नीचे जा रहा है जो कि गर्मियों के मौसम में लोगों को बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है
पुरमंडल और उतरवानी तीर्थ स्थल का जीर्णोदार किया जाए। इसके साथ ही लोगों ने केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से पुरमंडल से उत्तरबनी तक इस पूजनीय देविका नदी के किनारे पैदल रास्ता बनाया जाए ताकि लोग इस एतिहासिक स्थल की परिक्रमा भी कर सकें। पर्यटक अपनी मर्जी से पुरमंडल से उत्तरबानी तक पैदल यात्रा भी कर सकें।