जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार को बडगाम जिले के लोकीपोरा खाग गांव में सेना के एक जवान के अपहरण और हत्या में शामिल मारे गए 3 आतंकवादियों सहित 5 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया। पुलिस ने जारी किए गए बयान में कहा कि जिन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है।
उनमें लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) का ओजीडब्ल्यू अथर इलाही शेख (वर्तमान में कोट भलवाल जेल में बंद), मोहम्मद यूसुफ डार उर्फ कांट्रू (मारा गया एलईटी कमांडर), फैसल हफीज डार (मारा गया एलईटी आतंकवादी), हिलाल अहमद शेख उर्फ हंजुल्लाह (मारा गया एलईटी आतंकवादी) और विदेशी आतंकवादी गाजी भाई उर्फ पठान भाई उर्फ उस्मान भाई (फरार एलईटी आतंकवादी) शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि 7 मार्च, 2022 को लगभग 9:30 बजे पुलिस स्टेशन खाग को लोकीपोरा खाग के 5 जैकलाई में सेवारत सेना के जवान मोहम्मद समीर मल्ला के लापता होने की शिकायत मिली। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
पुलिस ने कहा कि 3 दिनों के बाद 10 मार्च, 2022 को विशिष्ट सूचना पर लापता सैन्यकर्मी का शव बरामद किया गया, जो खाग के लब्रन गांव में खेतों में एक खाई में दफन किया गया था। इस पर पुलिस ने पुलिस स्टेशन खग में एक औपचारिक मामला प्राथमिकी संख्या 09/2022 दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई थी।
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान एक ओजीडब्ल्यू अथर इलाही शेख को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि उसने लश्कर-ए-ताइबा के अन्य 4 आतंकवादियों के साथ मोहम्मद समीर मल्ला का अपहरण किया और उसे प्रताड़ित किया। जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान उक्त अपराध में शामिल 3 आतंकवादी 21/22 अप्रैल 2022 को मालवा कुंजर गांव में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में मारे गए, जबकि एक आरोपी जोकि पाकिस्तान मूल का गाजी भाई उर्फ पठान है अभी भी फरार है।
पुलिस ने आगे बताया कि मामले में आगे की जांच और सबूतों के संग्रह के दौरान, आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 364, 302,392, 201,149 और यूएलए (पी) अधिनियम की धारा 16,18,19,20,38,39 के तहत अपराध स्थापित किए गए और चार्जशीट न्यायालय के समक्ष पेश की गई।