जम्मू। जम्मू में कछुआ चाल की तरह चल रही पर्यटन परियोजनाओं पर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने नाराजगी जताई है। चैंबर पदाधिकारियों का कहना है कि इन पर्यटन परियोजनाओं की अनदेखी की जा रही है। इसके चलते जम्मू में अधिक पर्यटक और तीर्थ यात्री नहीं रुक रहे हैं। सालों से कोई नई परियोजना को पूरा नहीं किया जा सका है। तवी किनारों के सौंदर्यीकरण, कृत्रिम झील और मुबारक मंडी कांप्लेक्स के जीर्णोद्धार जैसी परियोजनाओं को गति नहीं दी गई है।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू से मुलाकात में चैंबर अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने सुस्त पर्यटन परियोजनाओं और कारोबारियों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। कहा, मंदिरों के शहर जम्मू में तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सभी चालू परियोजनाओं को गति देने के लिए उन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। निकट भविष्य में कश्मीर तक ट्रेन जा रही है, जिससे जम्मू में कोई नया पर्यटन स्थल नहीं होने के कारण यहां पर्यटक रुक नहीं पाएंगे। उन्होंने मुबारक मंडी परियोजना को शीघ्र पूरा करने के साथ वहां पर लाइट और साउंड सिस्टम को शुरू करने पर जोर दिया। गुलमर्ग और पहलगाम की तर्ज पर पटनीटॉप को एक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। यहां व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। जम्मू के पीर पंजाल पर्वतीय क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन अब तक इसकी उपेक्षा की गई है। सरकार को पुंछ, राजोरी जिलों में पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थानों के साथ इस क्षेत्र की पर्यटन क्षमता का सही ढंग से दोहन किया जाना चाहिए। इसी तरह शिवखोड़ी, श्री माता वैष्णो देवी, सुद्ध महादेव जैसे धार्मिक स्थलों के साथ पटनीटॉप, सनासर जैसे पर्यटक स्थलों से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए संपर्क मार्ग में सुधार किया जाए। मानसर और सुरईंसर जैसी ऐतिहासिक प्राकृतिक झीलों को आधुनिक तर्ज पर विकसित किया जाए।
वाणिज्यिक क्षेत्र की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिएं
गुप्ता ने कहा कि पिछले तीन दशक से जेडीए और हाउसिंग बोर्ड ने कोई वाणिज्यिक क्षेत्र या आवासीय कॉलोनी स्थापित नहीं की है, जिस कारण वाणिज्यिक स्थलों के साथ आवासीय क्षेत्र दोनों की कमी बढ़ी है। इसकी संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। वेयरहाउस के मौजूदा आवंटियों को उचित प्रीमियम लेने के बाद मालिकाना हक दिया जाना चाहिए। शिव मार्केट रेलवे स्टेशन के आवंटियों द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से निष्पादन नहीं किया गया है, इसमें तेजी लाई जाए। सब्जी मंडी और फल मंडी नरवाल के कुछ आवंटियों की लीज डीड समाप्त हो गई है, उन्हें न्यूनतम संभव प्रीमियम लेने के बाद नवीनीकृत किया जाए। इसके अलावा बाहु प्लाजा की व्यावसायिक दुकानों के कुछ आवंटियों को कब्जा और लीज डीड नहीं दी गई है, उन्हें भी शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।
निर्माण गतिविधियों को मंजूरी के लिए नीति बने
मुख्य सचिव को बताया गया कि जम्मू में भूमि के बड़े हिस्से को राजस्व विभाग द्वारा गैर मुमकिन खड्ड घोषित किया गया है, इस तथ्य के बावजूद कि इन भूमि से कोई जल निकाय नहीं गुजर रहा है। इन जमीनों पर पंजीकरण और निर्माण गतिविधियों पर रोक है। इस प्रकार की भूमि के किस्म को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है और उन भूमि पर वाणिज्यिक व निर्माण गतिविधियों की अनुमति देने के लिए एक नीति बनाई जानी चाहिए।
ट्रांसपोर्ट नगर नरवाल के विकास कार्य तेजी से हों
गुप्ता ने कहा कि पुराने बस स्टैंड भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उक्त इमारत की मरम्मत के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इसके साथ बस स्टैंड के इस क्षेत्र को एक नई मल्टीस्टोरी परियोजना के रूप में विकसित किया जाना चाहिए और वर्तमान भवन में काम करने वाले मौजूदा दुकानदारों/व्यवसायियों को नवनिर्मित/विकसित मल्टीस्टोरी परियोजनाओं के दुकानदारों के पुनर्वास की तर्ज पर पुनर्वासित किया जाना चाहिए। जम्मू महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण द्वारा जेडीए के माध्यम से किया जा रहा ट्रांसपोर्ट नगर नरवाल का विकास कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है, जिसमें तेजी लाई जाए। एक्सप्रेस-वे और फ्लाईओवर का निर्माण करते समय स्थानीय क्षेत्रों के लोगों को असुविधा और परेशानी महसूस नहीं होनी चाहिए। इसके साथ फ्लाईओवर/एक्सप्रेसवे का निर्माण करते समय आपातकालीन सेवाओं में बाधा नहीं होनी चाहिए और दैनिक यात्रियों की यात्रा सुचारू रहे।