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Jammu Kashmir: केंद्रीय सिल्क बोर्ड ने दिए 35 करोड़ रुपये, 27 हजार परिवारों को मिलेगा लाभ

Sat, 01 Oct 2022 12:11 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि रेशम कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए रिवाल्विंग फंड 70 लाख से बढ़ाकर 3.5 करोड़ किया गया। वैश्विक बाजार में पकड़ मजबूत करने के साथ शहतूत के पौधरोपण पर सरकार ध्यान केंद्रित कर रही है। 
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श्रीनगर में कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : पीआरओ
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विस्तार
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केंद्रीय सिल्क बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर में सिल्क उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 35 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस पैसे से रेशम कीट पालन से जुड़े 27 हजार परिवारों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही प्रदेश प्रशासन ने रेशम कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए रिवाल्विंग फंड 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 करोड़ रुपये कर दिया है।

यह पैसा  सिल्क समग्र फेज-2 यह जानकारी उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में रेशम कीट पालन पर शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में दी। एलजी ने कहा कि सिल्क समग्र फेज-1 के तहत 900 रेशम कीट पालक सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं। 618 रेशम कीटपालकों के लिए आवास स्बनाए गए हैं।

सिल्क बोर्ड जरूरत के अनुसार फंडिंग करता है ताकि ज्यादा से ज्यादा उत्पादक तथा उद्यमी आने वाले वर्षों में लाभान्वित हो सकें। कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए भविष्य का रोड मैप वैश्विक गुणवत्ता युक्त उत्पादन को सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार शहतूत के पौधरोपण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वन विभाग तथा रेशम कीटपालन विभाग की ओर से हरित मिशन पर मिलकर काम किया जा रहा है। कोकून उत्पादकों को बाजार की उपलब्धता के साथ ही अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। 

आयातित सिल्क पर निर्भरता कम करने पर जोर

आयातित सिल्क पर निर्भरता कम करने के लिए उप राज्यपाल ने आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कश्मीर का पांपोर देश के प्रमुख तीन सिल्क उत्पादन करने वाले महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिल्क समग्र योजना 2017-18 में शुरू की गई थी। इसने सिल्क उत्पादन क्षेत्र को न केवल सतत विकास के पथ पर अग्रसर किया बल्कि जम्मू-कश्मीर के सिल्क उद्योग को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से रेशम उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 

पांच प्रगतिशील किसानों को चेक सौंपा

उप राज्यपाल ने पांच प्रगतिशील किसानों को 1.57-1.57 लाख रुपये का चेक सौंपा। केंद्रीय टेक्सटाइल्स मंत्रालय के सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह, रेशम पालन विभाग के निदेशक मंजूर अहमद कादरी आदि उपस्थित थे। 

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