केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण(सीएटी) ने सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक्सईएन अधिकारी को प्रमोशन देने से मना किया गया है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के न्यायिक सदस्य राकेश सागर जैन और प्रशासनिक सदस्य आनंद माथुर की खंडपीठ ने जनक राज एवं अन्य की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पाया कि सरकार के आदेश में कई खामियां हैं। इसमें वरिष्ठता को नजरअंदाज किया जाना भी शामिल है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कैट की खंडपीठ ने सरकार के आदेश को रद्द कर दिया।