राजोरी। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पूर्व तहसीलदार व पटवारी सहित चार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया है। एसीबी ने यह मामला पूर्व तहसीलदार राजोेरी (अब सेवानिवृत्त) बलवंत सिंह, तत्कालीन पटवारी रेहतल मोहम्मद रफीक, निजी लाभार्थी कंवल सिंह निवासी चौधरी नाड़ तहसील राजोेरी और मसूद अनवर निवासी चौधरी नाड़ तहसील के खिलाफ दर्ज किया है।
एसीबी ने शिकायत के आधार पर किए सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया है। इसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व तहसीलदार बलवंत सिंह ने कंवल सिंह के साथ साजिश रचकर अनावश्यक कारणों से और गलत इरादे से गांव रेहतल राजोेरी के म्यूटेशन संख्या 417 में 25 मार्च 2010 को आदेश पारित किया। इसके तहत केवल कंवल सिंह को वसीयत में उत्तराधिकारी घोषित किया और बृजलाल एवं अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों को छोड़ दिया गया।
मामले के सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि राजस्व अधिकारियों ने अवैध रूप से मनमाने ढंग से लाभार्थी के पक्ष में एंट्री करके भूमि को हस्तांतरित कर दिया। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने 5 कनाल 8 मरले भूमि को कंवल सिंह के पक्ष में एंटर कर दिया, जिससे कंवल सिंह के भाई बृज लाल और अन्यों के अधिकार को नजरअंदाज कर दिया गया। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग कर अपने आर्थिक लाभ के लिए उन्हें अनुचित लाभ प्रदान किया।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व तहसीलदार बलवंत सिंह पुत्र शिव राम निवासी बड्डाल तहसील ख्वास जिला राजोेरी (मौजूदा समय में डोगरा नगर दुर्गा नगर जम्मू), मोहम्मद रफीक तत्कालीन पटवारी वर्तमान में नायब तहसीलदार कठुआ निवासी नघून तहसील जिला राजोेरी और लाभार्थी कंवल सिंह व मसूद अनवर निवासी चौधरी नाड़ तहसील राजोेरी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।