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Jammu News: एक साल में कैनाल रोड पर लुक डालने में 60 लाख बर्बाद, चौथी बार 20 लाख और हो रहे

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। एक साल में एक ही रोड का चार बार टूटना, फिर लाखों खर्च कर बनाना। यह सरकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। ऐसा भी नहीं है कि कुदरती घटना के कारण रोड टूटी हो, मगर यह जरूर नजर आ रहा है कि सांठगांठ के साथ पैसों की बर्बादी का विकास हो रहा है। जनता से वसूले टैक्स की कमाई की मलाई जिम्मेदार खा रहे हैं और लोग परेशानी झेल रहे हैं। भारी-भरकम मशीनें लगातार चलने से कैनाल रोड खुद हैरान हो गई है और सोच रही है कि अब कितने माह बाद टूटेगी और कब मशीनें आएंगी।

दरअसल, ज्यूल चौक से कनाल हेड तक दो किलोमीटर रोड पर एक ही साल में चौथी बार तारकोल बिछाया जा रहा है। तीन माह पहले डाली तारकोल उखड़ गई। सबसे पहले मई 2022 में काम हुआ, फिर सितंबर, फरवरी और मई में दोबारा शुरू हो गया। लोक निर्माण विभाग अब तक 80 लाख रुपये खर्च कर चुका है। नियम के मुताबिक तीन साल के बीच रोड टूटने पर ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाती है। मगर अफसरों की अनदेखी के चलते संबंधित ठेकेदार की लापरवाही पत्थरों में ही दब गई है, क्योंकि किसी भी अधिकारी ने काम की गुणवत्ता की जांच करनी जरूरी नहीं समझी। इस कारण कैनाल रोड बार-बार उखड़ रही है और नई बन रही है। तारकोल उखड़ने का मुख्य कारण भी यही है कि मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। आनन-फानन में पहले बिछी तारकोल पर नई बिछाकर काम निपटाया जा रहा है। कायदे से तारकोल को उखाड़ और रोड़ी को सही कर तारकोल बिछाया जाना चाहिए। अब तारकोल डालने पर बीस लाख रुपये खर्च होंगे। इससे पहले 60 लाख लग चुके हैं।
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बाहु फोर्ट, यूनिवर्सिटी रोड समेत अन्य सड़कों पर भी पांच से छह बार डाली जा चुकी लुक
बाहु फोर्ट, यूनिवर्सिटी रोड, बीसी रोड समेत अन्य सड़कों पर पांच से छह बार तारकोल डाला जा चुका है। कहीं पर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काम के लिए सड़क को उखाड़ा जा रहा है, तो कुछ जगहों में तारकोल से पत्थर अलग हो रहे है। इस कारण नुकसान हो रहा है। कैनाल रोड पर इसलिए भी तारकोल बिछाया जा रहा है क्योंकि यहां कन्वेशन सेंटर सहित मंत्रियों के आवास हैं। इसके बावजूद मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा। निर्माण प्रक्रिया के तहत पहले सड़क को उखाड़ा जाता है। पत्थरों को सही किया जाता है। उखाड़ी तारकोल के स्तर तक नया बिछाया जाता है जिस पर बाद में रोलर चलता है।
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इनकी अनदेखी क्यों

बेलीचराना-सतवारी, रायपुरी सतवारी, विक्रम चौक सहित अन्य ऐसी सड़कें हैं जहां पर एक बार भी काम नहीं हो पाया। सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। राहगीर भी दिक्कत झेल रहे हैं, लेकिन यहां पर विभागीय नजर अब तक नहीं पड़ी।
सड़क खस्ताहाल हो गई थी। इस कारण तारकोल डाला जा रहा है। अन्य सड़कों का भी काम होगा।

- सुरेंद्र सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
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