- तहसील अरनिया की पांच पंचायतों के 11 गांवों के किसान नहरी पानी नहीं मिलने से परेशान
- पंडोरिया से आगे चार किलोमीटर नहर में विभाग पानी पहुंचाने में नाकाम
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। केंद्र सरकार और प्रदेश प्रशासन किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करता है। लेकिन, सीमावर्ती अरनिया तहसील की पांच पंचायतों के 11 गांवों के किसान नहरी सुविधा होने के बावजूद 15 साल से पानी की राह देख रहे हैं। इससे जहां उन्हें धान की फसल लगाने के लिए हर साल जद्दोजहद करनी पड़ रही है वहीं, काफी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की निरंतर सफाई होने के बावजूद 15 साल से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है, जिस कारण किसान पंपसेट से फसल की सिंचाई करने के लिए मजबूर हैं। गांव पंडोरिया से नहर की एक शाखा को बॉर्डर क्षेत्र तक जाती है, जो करीब चार किलोमीटर लंबी है। यह नहर कूल मोड़ गांव तक सुचारू है, लेकिन उससे आगे गांव शेर-ए-चक, तलहाड़, मूलो चक, जंगबाल, पंजगराईं, मोहनपुर, लड़वाल, ब्यासपुर और परलाह में नहर तो है, मगर 15 साल से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। हर साल नहर की सफाई होती है, लेकिन सिंचाई विभाग अंत तक पानी पहुंचाने में नाकाम साबित हुआ है।
किसान कई अधिकारियों को करवा चुके हैं अवगत
किसानों द्वारा कई बार सिंचाई विभाग के बड़े अफसरों को इस मुद्दे से अवगत करवाया गया है, लेकिन मांग आजतक पूरी नहीं हुई है। ब्यासपुर प्रलाह गांव के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारी से मिला था। उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक प्रभावित क्षेत्र का दौरा तक नहीं किया गया है। किसान सिंचाई विभाग के अधिकारियों और पानी की राह देख रहे हैं।
सीमावर्ती अन्नदाता की पुकार
क्षेत्र में धान की फसल लगाना किसी जंग से कम नहीं है। फसल को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन बिजली की अघोषित कटौती से पंप सेंट से फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। हर साल सूखे के कारण नुकसान उठान पड़ता है। क्षेत्र में नहरें तो हैं, लेकिन उनमें पानी छोड़ने की जरूरत है। विभाग को संज्ञान लेना चाहिए।
-सुरेंद्र सिंह, किसान
कुछ साल पहले नहर में पर्याप्त पानी आता था। सिंचाई का मुख्य स्रोत नहर ही थी। कृषि क्षेत्र में विकास तो हो रहा है, लेकिन क्षेत्र का किसान आज भी सिंचाई सुविधा से महरूम हैं। विभागीय अधिकारी अगर समय पर किसानों की सुध लेते तो खेतों तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंच सकता था।
- हंसराज, किसान
-
हाल ही में नहरी पानी की समस्या को लेकर सिंचाई विभाग के एईई से मुलाकात कर अवगत करवाया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सोमवार रात को भी पंपसेट के माध्यम से खेतों की सिंचाई की है। नहरी सुविधा होने के बावजूद सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है।
- सोम लाल, किसान
ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सिंचाई अधिकारी के दफ्तर में समस्या लेकर गया था। उसके बाद 14 नंबर नहर का दौरा करना था। लेकिन जेई की सेहत ठीक नहीं है। जल्द ही इलाके का दौरा कर किसानों की समस्या को हल कर दिया जाएगा।
-
- राजेंद्र शर्मा, एई, सिंचाई विभाग
-
पानी न पहुंचने के कारण
1. साल में सिर्फ एक बार ही नहरों की आधी-अधूरी सफाई
2. सिकुड़ी नहरें, जगह-जगह लीकेज
3. कूल मोड़ से आगे 100 से अधिक अवैध कूहलें
4. सूचना के बाद अधिकारियों द्वारा स्थिति का जायजा न लेना